मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड को सुप्रीम कोर्ट ने बताया ‘भयानक’ और ‘डरावना’, नीतीश सरकार से पूछा- यह सब क्या हो रहा है?

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बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले में सीबीआई द्वारा मामले में सौंपी गई जांच की स्टेटस रिपोर्ट को देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (25 अक्टूबर) को बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरह से यह अपराध हुआ है वह काफी ‘भयानक’ और ‘डरावना’ है। बिहार सरकार कर क्या रही है। कोर्ट ने कहा कि मामले का मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर बहुत ही प्रभावशाली व्यक्ति है। इसके साथ ही अदालत ने शेल्टर होम मामले में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा की अब तक गिरफ्तारी न होने पर सरकार और सीबीआई से जवाब मांगा है।

PTI

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार और सीबीआई से जवाब मांगते हुए पूछा है कि क्यों अभी तक पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा को गिरफ्तार नहीं किया गया है? आपको बता दें कि चंद्रशेखर वर्मा का नाम भी मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड से जुड़ रहा था। चंद्रशेखर वर्मा इस केस के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के करीबी थे।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में लड़कियों से कथित यौन हिंसा और बलात्कार के आरोपों की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई की रिपोर्ट में दिए गए विवरण को गुरुवार को ‘भयानक’ और ‘डरावना’ करार दिया।

न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कहा, ‘‘यह सब क्या हो रहा है? यह तो बहुत ही भयानक है।’’ शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा आश्रय गृह के मालिक बृजेश ठाकुर के खिलाफ की गई टिप्पणियों का भी संज्ञान लिया और उसे नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों नहीं उसे राज्य के बाहर किसी जेल में स्थानांतरित कर दिया जाए।

सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि बृजेश ठाकुर एक प्रभावशाली व्यक्ति है और जेल में उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। बृजेश ठाकुर इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने राज्य की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा का पता लगाने में हुए विलंब पर बिहार सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो से सफाई मांगी है।

पीठ ने बिहार पुलिस को आदेश दिया कि पूर्व मंत्री और उनके पति के यहां से बड़ी संख्या में हथियार बरामद होने के मामले की वह जांच करे। इस आश्रय गृह कांड की वजह से मंजू वर्मा को बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। पीठ ने कहा कि इस मामले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो के दल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाए। इस मामले में न्यायालय अब 30 अक्टूबर को आगे विचार करेगा।

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