सुकमा नक्सली हमला: ‘नक्सल ऑपरेशन में नहीं होगी सेना की तैनाती’

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छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले के बाद नक्सलियों के खिलाफ सेना की तैनाती को लेकर गृह मंत्रालय ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। गृह मंत्रालय में मंगलवार(25 अप्रैल) को कहा है कि नक्सलियों के खिलाफ सेना का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

फोटो: India Today

बता दें कि सुकमा जिले में सोमवार(27 अप्रैल) को नक्सलियों ने बड़े हमले को अंजाम दिया। घात लगाकर किए गए इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 25 जवान शहीद हो गए। जबकि आठ जवान घायल हैं, जिनमें चार की हालत गंभीर है। नक्सली जवानों के हथियार भी लूट कर ले गए हैं।

बस्तर के डीआईजी सुंदरराज पी ने बताया कि सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के बुर्कापाल में सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन का बेस कैंप है। बेस कैंप के पास चिंतलनार और दोरनापाल स्टेट हाईवे बन रहा है। इसकी सुरक्षा के लिए सोमवार सुबह बटालियन की दो कंपनी रवाना हुई थी।

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दोपहर 12 बजे के बाद जब जवान खाना खाने के लिए बैठे तो नक्सलियों ने अचानक धावा बोल दिया। इसका जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों ओर से गोलीबारी के बीच करीब 3 घंटे तक मुठभेड़ चली। घायल जवानों को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया। यहां दो निजी अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों पर हुए नक्सली हमले की निंदा करते हुए उसे ‘‘कायरतापूर्ण और निंदनीय बताया’’ तथा इसबात पर जोर देते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ जवानों पर हमला कायरतापूर्ण और निंदनीय है। हम स्थिति की करीबी निगरानी कर रहे हैं।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘हम अपने सीआरपीएफ जवानों की बहादुरी पर गौरवान्वित हैं। शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके परिवारों के प्रति संवेदनाएं।’’ उन्होंने सोमवार को हमले में घायल हुए जवानों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की।
वहीं केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि सीआरपीएफ के बहादुर जवानों का यह बलिदान किसी भी सूरत में व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। इसलिए यह भी फैसला किया गया है कि वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ रणनीति की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर इसमें संशोधन भी किया जाएगा।

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