पुलिस के टार्चर की वजह से फेसबुक पर सुसाइड नोट लिखकर दे दी जान

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पुलिस के टार्चर किए जाने की वजह से लुधियाना के रहने वाले इंद्रपाल सिंह ने परेशाान होकर रेलवे क्रासिंग पर जान दे दी। मोबाइल रिचार्ज की दुकान चलाने वाले इंद्रपाल ने अपने नोट में लिखा कि ये मैसेज मुझे न्याय दिलाएगा, इन सबसे दुखी होकर आज मैं अपनी जान देने जा रहा हूं। मामले की गम्भीरता को समझते हुए कमिश्नर ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

जनसत्ता की खबर के अनुसार एक शख्स द्वारा ट्रेन के सामने कूदकर जान देने से पहले फेसबुक पर ‘सुसाइड नोट’ पोस्ट करने का मामला सामने आया है। इस पोस्ट में दावा किया कि पुलिस ने उसे टॉर्चर किया, उससे उगाही की और फर्जी ड्रग्स स्मगलिंग केस में फंसाने की धमकी दी, जिसकी वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ा। शहर के हिम्मत नगर इलाके में एक मानवरहित क्रॉसिंग पर इंद्रपाल आहूजा का शव शुक्रवार सुबह मिला। डुगरी में रहने वाले उसके परिवार ने बताया कि इंद्रपाल गुरुवार दोपहर से ही घर नहीं लौटा था।

पता चला है कि गैंगस्टर गौरव शर्मा उर्फ गोरू बच्चा के खिलाफ दर्ज मर्डर केस के मामले में आहूजा से पुलिस पूछताछ कर रही थी। बच्चा वही शख्स है, जिसकी तस्वीर अकाली दल के स्टूडेंट विंग के पोस्टर पर डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल और राज्य के रेवेन्यू मिनिस्टर बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ छपने के बाद विवाद हो गया था। आहूजा की मोबाइल रिचार्ज की दुकान थी। डुगरी की पुलिस ने उससे कथित तौर पर बच्चा के रिचार्ज से जुड़े रिकॉर्ड्स मांगे थे। आहूजा ने गुरुवार रात नौ बजे फेसबुक अपडेट किया था।

पहले मैसेज में उसने दावा किया कि मर्डर केस की जांच कर रहे डुगरी पुलिस स्टेशन के पुलिसवाले-स्वर्ण सिंह, बूटा सिंह और एसएचओ देविंदर चौधरी ने उसे टॉर्चर किया और धमकी दी। उसने यह भी आरोप लगाया कि तीनों ने उससे सवा लाख रुपए ऐंठ लिए और धमकी दी कि और पैसे न देने पर हेरोईन तस्करी का मामला दर्ज करा देंगे। मैसेज में आगे लिखा है, ”मेरे पास कोई सबूत नहीं है, लेकिन यही मैसेज मुझे न्याय दिलाएगा।” कुछ मिनट बाद पोस्ट किए गए एक अन्य मैसेज में उसने लिखा-मैं आज इन सबसे दुखी होकर अपनी जान दे रहा हूं। कमिश्नर ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

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