डोपिंग में फंसे भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ पर लगा 8 महीने का प्रतिबंध

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भारत के प्रतिभाशाली सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को डोपिंग परीक्षण में नाकाम रहने के कारण मंगलवार को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के सभी प्रारूपों से आठ महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया। वेस्टइंडीज के खिलाफ 2018 में दो टेस्ट मैच खेलने वाले 19 वर्षीय शॉ रिपोर्टों के अनुसार अपने कूल्हे की चोट का उपचार करा रहे हैं। उनका सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट के दौरान डोपिंग परीक्षण किया गया और उन्हें ‘टरबुटैलाइन’ के सेवन का दोषी पाया गया।

(Getty Images)

शॉ के अलावा दो अन्य घरेलू खिलाड़ियों विदर्भ के अक्षय दुलारवर और राजस्थान के दिव्य गजराज को भी क्रिकेट बोर्ड की डोपिंग रोधी संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया। बीसीसीआई ने बयान में कहा, ‘मुंबई क्रिकेट संघ के साथ पंजीकृत पृथ्वी शॉ को डोपिंग में पकड़े जाने के कारण निलंबित कर दिया गया है।

शॉ ने अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया। यह पदार्थ आमतौर पर खांसी की दवा में पाया जाता है।’ शॉ को आठ महीने के लिए निलंबित किया गया है जो 16 मार्च 2019 से 15 नवम्बर 2019 तक प्रभावी रहेगा। इसका मतलब है कि वह बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में नहीं खेल पाएंगे।

पृथ्वी शॉ ने अपनी गलती और सजा दोनों स्वीकार करते हुए कहा कि इस खबर ने उन्हें झकझोर दिया है, लेकिन वह और मजबूत होकर वापसी करेंगे। शॉ ने ट्वीट किया, ‘मैं पूरी ईमानदारी के साथ इस फैसले को स्वीकार करता हूं। मै अभी पिछले टूर्नामेंट में लगी चोट से उबर रहा हूं और इस खबर ने मुझे झकझोर दिया है।’

भारत के लिए दो टेस्ट मैच खेलने वाले साव ने कहा, ‘मुझे इसे सबक के तौर पर लेना होगा और उम्मीद है कि यह हमारी खेल बिरादरी में दूसरों को प्रेरित करेगा। हम खिलाड़ियों को बीमार होने पर किसी भी दवा को लेने में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है, भले ही दवा काउंटर पर उपलब्ध हो और हमें हमेशा इसकी जरूरत हो तो भी प्रोटोकॉल का पालन करें। क्रिकेट मेरी जिंदगी है और भारत और मुंबई के लिए खेलने से बड़ा कोई सम्मान नहीं है और मैं इससे अधिक मजबूत बनूंगा।’

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