BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा निराश होने की जरूत नहीं, सरकार को दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करनी चाहिए

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गुरुवार (21 दिसंबर) को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने टू-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और DMK सांसद कनिमोझी और कई अन्य पर अहम फैसला सुनाया। दिल्ली की पटियाला हाउस की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और DMK सांसद कनिमोझी समेत सभी आरोपियों को तीनों केसों में बरी कर दिया है।

सुब्रमण्यम स्वामी
PHOTO- ANI

आरोपियों के बरी होते ही कोर्ट के बाहर लगे समर्थकों में जोश की लहर दौड़ पड़ी, सभी समर्थकों के बीच लड्डू और मिठाईयां बांटी जाने लगी। आरोपियों के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि जज साहब ने सबूतों के अभाव में मेरे क्लांइट को तीनों मामलों में बरी कर दिया गया है, इस केस में कहीं भी कुछ नहीं था।

इसी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इसे बुरा फैसला बताया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि टू जी मामले में आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ सरकार को तुरंत दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करना चाहिए, उन्होंने कहा कि इस फैसले से निराश होने की जरूरत नहीं है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, जज का फैसला बहुत बुरा है, केस के लिए सही वकील नहीं चुने गए और केस को गंभीरता से नहीं लड़ा गया। हमें हाईकोर्ट में अपील करनी चाहिए, ये कोई फाइनल फैसला नहीं है। कांग्रेस पागल हो गई है, अपील करेंगे तो मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। माफी का सवाल नहीं है, अगर अपील में घोटाला साबित हुआ तो क्या होगा।

स्वामी ने पूर्व अटॉर्नी जनरल पूर्व मुकल रोहतगी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि, मैंने आज देखा कि मुकुल रोहतगी ने इस फैसले का स्नागत किया है। सरकार ने उसे अटर्नी जनरल बनाया, तीन साल का पूरा कार्यकाल दिया। अब वही सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं। ये पहले 2जी के आरोपी कंपनियों के वकील थे, ऐसे व्यक्ति को अटॉर्नी जनरल बनाना सही नहीं था।

ख़बरों के मुताबिक, साथ ही सुब्रमण्यम स्वामी ने सीबीआई के अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि, CBI ने केस में लापरवाही दिखाई, सीबीआई के कई अधिकारी चिदंबरम के करीबी थे। सीबीआई के और प्रवर्तन निदेशालय के ईमानदार अधिकारियों का तबादला कर दिया गया, उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

जानिए किसने क्या कहां :

वहीं दूसरी ओर इस मामले में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदम्बरम ने कहा कि ऐसा कोई घोटाला हुआ ही नहीं था इसलिए पाटियाला हाउस कोर्ट ने अपना सही फैसला सुनाते हुए बरी का आदेश दिया है।

वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि, कोर्ट ने साफ तौर पर पाया कि गलत लोगों को फंसाया गया है। कानून ने ठीक उसी तरह से काम किया है जैसा हम उससे उम्मीद करते हैं।

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि, विनोद राय को देश के सामने माफी मांगनी चाहिए। मैं कभी यू टर्न नहीं लेता। कोई घोटाला नहीं हुआ था और कोई नुकसान नहीं हुआ था।

 

वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि, हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार साबित हुए हैं।

वहीं पटियाला हाउस कोर्ट के इस फैसले पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि, अगर सरकार के पास पुख्ता सबूत हैं तो उसे मामले को हाई कोर्ट में ले जाना चाहिए।

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