उपराष्ट्रपति ने रखी करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला, BJP सांसद ने मोदी सरकार के फैसले को बताया ‘खतरनाक कदम’

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भारत-पाकिस्तान की दोस्ती की नई कड़ी को जोड़ने वाले करतारपुर साहिब सड़क गलियारे (कॉरिडोर) की उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सोमवार (26 नवंबर) को आधारशिला रखी। पंजाब के गुरदासपुर जिले के मान गांव से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा को जोड़ने वाली इस सड़क की आधारशिला कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।

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इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान के थलसेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पर निशाना साधते हुए उन्हें राज्य में आतंकी गतिविधियों और सीमा पर भारतीय सैनिकों के मारे जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया। वहीं, करतारपुर साहिब गलियारे के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी पीएम इमरान खान का शुक्रिया अदा किया।

इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार के इस फैसले को खतरनाक कदम बताया है। बीजेपी सांसद का मानना है कि करतारपुर कॉरिडोर एक खतरनाक कदम है जिसका पाकिस्तान द्वारा गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। स्वामी ने सरकार से गुजारिश की है कि इस रास्ते से पाकिस्तानियों को आने की इजाजत न दिया जाए।

बीजेपी सांसद ने कहा, बीजेपी सांसद ने कहा, “करतारपुर कॉरिडोर एक खतरनाक कदम है। यदि यहां हमेशा सही तरीके से जांच नहीं की गई तो इसका दुरूपयोग किया जा सकता है। सिर्फ पासपोर्ट दिखाना ही काफी नहीं है। आप चांदनी चौक से 250 रुपये में एक पासपोर्ट ले सकते हैं। यहां आने वाले लोगों का छह महीने पहले रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। हमें पाकिस्तानियों को यहां आने की इजाजत नहीं देनी चाहिए।”

आपको बता दें कि यह गलियारा बन जाने पर भारत से सिख श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरूद्वारा दरबार साहिब तक आसानी से जा सकेंगे। भारत सरकार ने साल 2019 में गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में करतारपुर सड़क गलियारे के निर्माण का 22 नवंबर, 2018 को फैसला किया था। इस सड़क का निर्माण भारत -पाकिस्तान सीमा तक एकीकृत विकास परियोजना के रूप में किया जाएगा। करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान में भारत-पाक सीमा से लगभग तीन से चार किलोमीटर दूर स्थित है।

पाकिस्तान में करतारपुर साहिब, भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक पूजास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर रावी नदी के पार स्थित है। यह सिख गुरुद्वारा 1522 में सिख गुरु ने स्थापित किया था। यहीं पर सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपना अंतिम वक्त गुजारा था। सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी ने करतारपुर में अपने जीवन के 18 साल व्यतीत किए थे। इस कॉरिडोर का निर्माण होने के बाद भारतीय सिख समुदाय के लोग बिना किसी वीजा के करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेक सकेंगे।

 

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