#MeToo: अब बॉलीवुड के शोमैन सुभाष घई पर लगा रेप का संगीन आरोप, महिला ने सुनाई दिल दहला देने वाली कहानी

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देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं l देश में जारी ‘मी टू’ अभियान की लहर गुरुवार (11 अक्टूबर) को भी जारी रही और बॉलीवुड के शोमैन सुभाई घई और लेखक-निर्देशक पीयूष मिश्रा भी निशाने पर आए। कामकाज की जगह पर होने वाले यौन शोषण के खिलाफ चल रही इस मुहिम का गुरुवार को भी कई लोगों ने समर्थन किया, इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ने अपने साथी मंत्री एम जे अकबर से उनपर लगे यौन शोषण के आरोपों पर चुप्पी तोड़ने को कहा।

तनुश्री दत्ता के यौन उत्पीड़न के आरोपों की शिकायत के बाद गुरुवार को मुंबई पुलिस ने नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य सहित अन्य दो के खिलाफ जांच शुरू की। समाज में जोर पकड़ रहे ‘मी टू अभियान’ का एक प्रकार से समर्थन करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को कहा कि इस बारे में आवाज उठाने वालों को इंसाफ मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की आवाज उठाने वाली महिलाओं का उपहास नहीं उड़ाया जाना चाहिए।

ईरानी ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगी एम जे अकबर के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर गुरुवार को कुछ कहने से इनकार कर दिया। लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि उन महिलाओं के साथ इंसाफ होना चाहिए जो अपनी बात रख रही हैं। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मामले पर कुछ भी कहने से मना कर दिया।बीजेपी नेता अकबर अभी विदेश दौरे पर हैं। उनके रविवार को वापस लौटने की संभावना है। उन्होंने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

सुभाष घई पर यौन शोषण का संगीन आरोप

‘मी टू’ अभियान के चपेट में अब बॉलीवुड के शोमैन सुभाई घई भी आ गए हैं। सुभाष घई के साथ काम करने वाली एक महिला ने उनपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। हालांकि घई ने इस मामले में दी गई अपनी प्रतिक्रिया में इस तरह के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब सोशल मीडिया पर लेखिका महिमा कुकरेजा नाम की लेखिका ने जानकारी दी।

महिला का आरोप है कि घई ने उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिला दिया और उसका यौन उत्पीड़न किया। न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, महिला के इस आरोप का गुरुवार को निर्देशक ने ”कड़ाई से प्रतिवाद किया। लेखिका महिमा कुकरेजा ने ट्विटर पर अज्ञात अकाउंट साझा किया जो पिछले महीने कॉमेडियन उत्सव चक्रवर्ती पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली प्रथम महिलाओं में से एक है।

कुकरेजा ने कहा कि महिला ”काफी विश्वसनीय मीडिया हस्ती है जो अपना नाम उजागर नहीं करना चाहती। महिला ने कहा कि वर्षों पहले उसने घई के साथ एक फिल्म में काम किया और वह उसमें कुछ ज्यादा ही रूचि लेने लगे और स्क्रिप्ट सेशन में वह अक्सर उसे अपने अपार्टमेंट में बुलाते। उसने दावा किया कि एक बार उन्होंने जबरन उसे चूम लिया लेकिन अगले दिन यह कहकर उसे शांत कराने का प्रयास किया कि यह घटना ”प्रेमियों की लड़ाई है। उसने आरोप लगाए कि देर रात तक चले संगीत सेशन में उन्होंने शराब पी और उसे भी शराब की पेशकश की ”जिसमें नशीला पदार्थ मिलाया हुआ था।

महिला ने कहा कि फिर से होटल के कमरे में ले जाया गया जहां अचेतावस्था में उसका यौन शोषण किया गया। वहीं, 73 वर्षीय घई ने पीटीआई को बताया, ”यह दुखद है कि किसी भी प्रसिद्ध आदमी की छवि खराब करने का प्रचलन हो गया है। विगत की कुछ कहानियों को बिना किसी सच्चाई के पेश किया जा रहा है। मैं इस तरह के सभी झूठे आरोपों का कड़ाई से खंडन करता हूं। उन्होंने कहा, ”अगर वह ऐसा दावा करती है तो उसे अदालत में जाकर साबित करना चाहिए। या तो न्याय होगा या निश्चित तौर पर मैं मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा।

कांग्रेस के बाद अब माकपा और शिवसेना ने की अकबर के इस्तीफे की मांग

वहीं कांग्रेस के बाद अब माकपा, शिवसेना ने अकबर के इस्तीफे की मांग की हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ‘मी टू’ एक बड़ा अभियान है और ‘‘एक बड़ा मुद्दा’’ है। आगामी 2019 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।

आरएसएस के एक शीर्ष पदाधिकारी ने देश में वर्तमान में चल रहे ‘मी टू’ अभियान को समर्थन दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने आंखी दास के फेसबुक पोस्ट को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर ‘मी टू’ अभियान पर अपने विचार व्यक्त किए। दास फेसबुक की पब्लिक पॉलिसी निदेशक हैं।

दास ने अपने पोस्ट में कहा था, ‘‘जिन महिला पत्रकारों ने अपने उत्पीड़न के बारे में बताया था उनके समर्थन के लिए #मी टू की जरूरत नहीं है। आपको महिला होने की भी जरूरत नहीं है। आपको महज इतना संवेदनशील होने की जरूरत है कि क्या सही है और क्या गलत है।’’ होसबोले ने उनके पोस्ट को ट्वीट किया और कहा, ‘‘मैंने इसे लाइक किया। उन्होंने वहीं लिखा है जो मैं महसूस कर रहा था।’’

बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी सरकार से इस मामले पर निर्णय लेने को कहा। उन्होंने कहा कि वह (अकबर) सरकार का हिस्सा हैं और इस बारे में सरकार ही निर्णय करेगी। विभिन्न समाचार संस्थानों में संपादक पद पर रहते हुए अकबर पर कुछ महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

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