बेंगलुरु में PM मोदी की रैली से पहले डिग्री गाउन पहनकर कॉलेज के छात्रों ने बेचे पकौड़े

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कर्नाटक में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले है, राज्य में चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस की बीच बयानों का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसी बीच, कर्नाटक के बेंगलुरु में रविवार (4 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी की परिवर्तन रैली के समापन पर पहुंचे। लेकिन, पीएम मोदी के रैली स्थल से कुछ ही मीटर की दूरी पर कॉलेज के कुछ छात्रों के एक समूह ने पकौड़े बेचकर सरकार और पीएम मोदी के प्रति अपना विरोध जताया

नवभारत टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेज के छात्रों ने पकौड़ों का स्टॉल लगाया। डिग्री लेने वाले परिधान (गाउन) में कॉलेज के इन छात्रों ने पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के नाम पर पकौड़े बनाकर बेचे। हालांकि, रैली से कुछ घंटे पहले ही पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को खदेड़ दिया। बेरोजगारी के खिलाफ छात्रों ने सांकेतिक तौर पर पकौड़े बेचकर अपना विरोध जताया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी की रैली पैलेस ग्राउंड में होनी थी और इसी के पास मेहकरी सर्किल पर गाउन पहने छात्र लोगों को पकौड़े बेच रहे थे। साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों ने विरोध स्वरूप पकौड़े का अलग-अलग नाम भी रखा था, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं है।

वे ‘मोदी पकौड़ा’, ‘अमित शाह पकौड़ा’ ‘अरुण जेटली पकौड़ा’, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर ‘योगी आदित्यनाथ पकौड़ा’ और कर्नाटक में बीजेपी के सीएम उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा के नाम पर ‘डॉक्टर येद्दि पकौड़ा’ बेच रहे थे।

बता दें कि, कुछ दिनों पहले पीएम मोदी ने हिंदी समाचार चैनल जी न्यूज़ को दिए गए इंटरव्यू में बेरोजगारी को लेकर बयान दिया था। इस इंटरव्यू में जब एंकर ने सरकार द्वारा किए गए रोजगार के अवसर पैदा करने के वादे के मामले पर सवाल किया तब उन्होंने कहा था कि अगर जी टीवी के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं?

पीएम मोदी द्वारा पकौड़े की दुकान लगाने को रोजगार बताने के बाद से सोशल मीडिया पर उनका जमकर मजाक उडाया जा रहा है। पीएम मोदी के इस बयान की विपक्ष ने भी कड़ी आलोचना की थी। वहीं, अब बेरोजगार छात्र भी पीएम मोदी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

बता दें कि, कुछ दिनों पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल की तिरुअनंतपुरम सीट से सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर कहा था कि, ‘जिसने कहा कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा, वह आज पकौड़े की बात करने लगे हैं। वह नहीं समझते कि लोग चाय और पकैड़े इसलिए बेच रहे हैं क्योंकि रोजगार नहीं है।’

बता दें कि, इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ट्वीट कर लिखा था कि, ‘अगर पकौड़े बेचना भी नौकरी है तो प्रधानमंत्री के इस तर्क के मुताबिक भीख मांगना भी जॉब है। अब उन गरीब और अक्षम लोगों को भी रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या में गिन लेना चाहिए, जिन्हें मजबूरी में भीख मांगकर गुजारा करना पड़ रहा है’।

इससे पहले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल भी पीएम मोदी पर उनकी पकौड़े वाली बात को लेकर हमला बोल चुके है। हार्दिक पटेल ने 22 जनवरी को ट्वीट कर कहा था कि, ‘बेरोज़गार युवा को पकौड़े का ठेला लगाने का सुझाव एक चायवाला ही दे सकता है, अर्थशास्त्री ऐसा सुझाव नहीं देता!’

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