श्री श्री रवि शंकर के ISIS से संपर्क साधने पर सोशल मीडिया पर उठे सवाल

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अपने तीन दिवसीय त्रिपुरा दौरे के बाद रविशंकर गुरुवार को अगरतला से कोलकाता के लिए रवाना हुए। इन दिनों श्री श्री रविशंकर राज्य भर में कई बैठकें करके देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति लाने की आवश्यकता पर काम कर रहे है।

मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि आईएसआईएस कोई शांति वार्ता नहीं चाहता। इसलिए उससे सेना को निपटना चाहिए। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से वार्ता की कोशिश की थी, जिसके बदले में संगठन ने उन्‍हें सिर कटे व्यक्ति की तस्वीर भेज दी थी। इससे जाहिर होता है कि आईएसआईएस के साथ शांति वार्ता के प्रयास का अंत हो गया।

इसके आलावा श्री श्री रविशंकर ने क्षेत्र के उग्रवादी संगठनों से सरकार से शांति वार्ता करने का आग्रह किया। रविशंकर इससे पहले भी इस्‍लामिक स्‍टेट के साथ वार्ता का प्रयास कर चुके हैं। उस वक्‍त उन्‍हें जान से मारने की धमकी दी गई थी।

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खुद रविशंकर ने ही इसका खुलासा किया था। आगे उन्होंने यमुना पर्यावरण को लेकर 5 करोड़ के जुर्माने पर बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने दिल्ली के यमुना खादर में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशनश् पर जो पांच करोड़ रुपये जुर्माना लगाने का फैसला दिया था, वह राजनीति से प्रेरित था।

आर्ट ऑफ़ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक के इस बयान पर सोशल मीडिया पर बवाल शुरू हो गया है और लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि रवि शंकर ने एक प्रतिबंधित आतंकवादी संस्था से किस तरह संपर्क स्थापित किया और क्या भारत सरकार को इस के बारे में पता था?

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पेश इस विषय पर ट्विटर पर पोस्ट किए गए कुछ tweets:

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