ओलंपिक 2016: खेलों का महाकुंभ रियो के माराकैना स्टेडियम में हुआ शुरू

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इस साल ब्रजील में होने वाला ओलंपिक का उद्घाटन हो गया है। इस बार इस आयोजन में 206 देशों की टीमें और एक शरणार्थी टीम 28 खेलों में दमखम आज़माने के लिए हिस्सा ले रही है। इस खेलों के माहाकुंभ पर दुनियाभर के करोड़ों लोगों की निगाहें लगी हैं।

ब्राजील के रियो शहर में होने वाले ओलंपिक आयोजन कई तरह से अनूठा है। यह पहली बार है जब किसी दक्षिण अमरीकी देश में ओलंपिक हो रहा है।

ब्राजिल की राजधानी रियो में चार जगहों पर खेलों के आयोजन होंगे। ये चार जगहें हैं डियोडोरू, बारा, कोपाकबाना और माराकैना। माराकैना में फ़ुटबॉल का मशहूर स्टेडियम है।

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Photo: Rio Olympic
Photo: Rio Olympic

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (आईओसी) के मुताबिक इस साल के रियो खेलों में शरणार्थियों की भी एक टीम हिस्सा ले रही है। आईओसी ने 18 साल की युसरा मर्दीनी और रामी अनीस का नाम शरणार्थियों की टीम में शामिल कर लिया है। सभी शरणार्थियों के लिए उम्मीदों का पैगाम था। शरणार्थियों की टीम में 10 सदस्य हैं। जिसमें पांच दक्षिण सूडान,दो सीरिया,दो डीआर कांगो और एक इथियोपिया से खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। यह टीम ओलंपिक के झंडे के तहत हिस्सा लेगी।

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आपको हम बता दें कि इस ओलंपिक में 28 प्रकार के खेलों की प्रतियोगिता होगी। रियो ओलंपिक में 112 वर्ष बाद गोल्फ की वापसी हो रही है। कहने को तो यह 31वां ओलंपियाड है लेकिन यह 28 वां ओलंपिक आयोजन है। 1916,1940 और 1944 में विश्व युद्धों के कारण ओलंपिक खेल नहीं हुए थे।

इस आयोजन में 300 डांसर और 5000 वालयंटियर्स शरीक हो रहे हैं। रियो में 10500 खिलाड़ी 207 टीमों के तहत हिस्सेदारी कर रहे हैं। यह एक रिकॉर्ड है।

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रियो ओलंपिक ऐसे समय में ब्राज़ील में आयोजित किए जा रहे हैं जब वहां राजनीतिक संकट और आर्थिक मंदी गहरा रही है। कुछ लोग माराकैना स्टेडियम के बाहर इस महंगे खेल आयोजन का विरोध भी कर रहे हैं।
इस बार भारतीय एथलीटों का भी सबसे बड़ा दल इस ओलंपिक खेलों में भाग ले रहा है। इस बार सब की उम्मीदें पीछे बार के पदकों के रिकॉर्ड को तोड़कर नए पदकों के साथ नया कीर्तिमान बनाना है।

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