यूनिटेक के एमडी को जेल में मिल रही ‘लग्जरी सुविधाओं’ पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, केंद्र से पूछा- क्या जेलों में समानांतर व्यवस्था चल रही है?

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रियल्टी कंपनी यूनिटेक के एमडी संजय चंद्रा और उनके भाई अजय को तिहाड़ जेल में लग्जरी सुविधाएं मिलने की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (22 नवंबर) को तिहाड़ जेल में बंद यूनिटेक के मालिक संजय चंद्रा और उनके भाई अजय चंद्रा के पास से एलईडी टीवी, सोफा और दूसरी प्रतिबंधित वस्तुएं मिलने संबंधी मीडिया खबरों का जिक करते हुए सवाल किया, ”क्या जेलों में समानांतर व्यवस्था चल रही है।”

सुप्रीम कोर्ट
file photo

जस्टिस मदन बी. लोकुर, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बैंच ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से पूछा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है। बैंच ने कहा कि चंद्रा बंधुओं और कुछ अन्य द्वारा ”विलासितापूर्ण जीवन शैली गुजारने के बारे में कैदियों से मिली शिकायत के बाद चार सितंबर को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने जेल का निरीक्षण किया था। यह रिपोर्ट उललब्ध है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बैंच ने केंद्र सरकार के वकील से सवाल किया कि न्यायाधीश की रिपोर्ट कहती है कि यूनिटेक के अधिकारियों को तिहाड़ में सुविधाएं मिल रही हैं। क्या जेलों में समानांतर व्यवस्था है? क्या जेलों में उन्हें विशेष अधिकार प्राप्त हैं? आप इसके बारे में क्या कर रहे हैं? बैंच ने कहा, ”ये लोग टीवी का आनंद ले रहे हैं। ईश्वर जाने वे क्या-क्या आनंद ले रहे हैं। वे सोफों पर बैठते हैं।

केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल (ASG) अमन लेखी ने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसी घटनाओं से पूरी गंभीरता से निबटना चाहिए। लेकिन जब एएसजी ने यह कहा कि सुप्रीम कोर्ट विचाराधीन कैदियों के लिए तेजी से सुनवाई करने से संबंधित मुद्दे की सुनवाई कर रही है तो बैंच ने टिप्पणी की, ”हम कुछ ऐसी चीज से रूबरू हो रहे हैं जो स्तबध करती है।

कोर्ट ने बिहार सहित कई राज्यों की जेलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल के बारे में भी मीडिया की खबरों का जिक्र किया। यह मुद्दा उस समय उठा जब बैंच ने जेलों में खामियों के बारे में जून महीने में दो न्यायाधीशों की रिपोर्ट का जिक्र किया। चंद्रा बंधु इस समय मकान खरीदारों को कथित रूप से छलने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद हैं।

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