सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर हमला, कहा- ‘देशभक्ति की नई परिभाषा सिखाई जा रही है, असहमति का नहीं हो रहा सम्मान’

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यूपीए प्रमुख और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार (6 अप्रैल) को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि इस सरकार में ‘‘देशभक्ति की नई परिभाषा सिखाई जा रही है और असहमति का सम्मान नहीं हो रहा है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि अब देश को एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो देश के सभी नागरिकों के प्रति उत्तरदाई हो।

Photo: National Herald

वरिष्ठ कांग्रेस नेता गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित ‘जन सरोकार’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘कुछ साल पहले यह सोच भी नहीं सकते थे कि हमें इस हालात में यह एकत्र होना पड़ेगा। पिछले कुछ वर्षों से हमारे देश की मूल आत्मा को कुचला जा रहा है। उस पर हमें चिंता है। जिन संस्थाओं ने हमें बुलंदियों पर पहुंचाया उन्हें करीब करीब खत्म कर दिया गया है।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘हमें देशभक्ति की नयी परिभाषा सिखाई जा रही है। विविधता को अस्वीकार करने वालों को देशभक्त बताया जा रहा है। अपने ही नागरिकों से भेदभाव से सही ठहराया जा रहा है। खानपान, वेशभूषा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुछ लोग अपनी मनमानी थोप रहे हैं।’’

कांग्रेस की शीर्ष नेता ने आरोप लगाया, ‘‘वर्तमान सरकार असहमति का सम्मान करने को बिल्कुल भी राजी नहीं है। जब लोगों पर हमले होते हैं तो सरकार अपना मुंह फेर लेती है। कानून का राज कायम करने के अपने फर्ज को निभाने को यह सरकार तैयार नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी नीतियां बनाने में लगी है जिससे उसके चहेते उद्योगपति फलते-फूलते हैं। भारत को एक सरकार की जरूरत है जो देश के सभी नागरिकों के प्रति उत्तरदायी हो और जो अपने कामकाज में निष्पक्ष रहे। हमें अपने संविधान के धर्मनिरपेक्ष और उदार भावना को फिर से बहाल करना है।’’

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘एक-एक व्यक्ति की सुरक्षा और गरिमा फिर से सुनिश्चित करनी होगी। हर व्यक्ति को बराबर को अधिकार देना होगा।’’ सोनिया ने यूपीए सरकार के समय की राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि जो वादे किए जा रहे हैं उनको अमल पर नजर रखने की व्यवस्था की जाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार की जुबान में वजन होना चाहिए। उसके कथनी और करनी में फर्क नहीं होनी चाहिए। हमने पहले भी कर दिखाया है और आगे भी कर दिखाएंगे।’’ (इनपुट- नेशनल हेराल्ड और भाषा के साथ)

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