सोनिया गांधी ने RSS पर साधा निशाना, कहा- कुछ संगठनों ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का विरोध किया था

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संसद में बुधवार(9 अगस्त) को देश की आजादी के लिए वर्ष 1942 में छेड़े गए ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिना नाम लिए मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) पर जमकर निशाना साधा। सोनिया गांधी ने कहा कि आजादी के समय जवाहरलाल नेहरू ने जेल में सबसे ज्यादा समय बिताया था।

फाइल फोटो: PTI

उन्होंने आरएसएस पर बिना नाम लिए हमला बोलते हुए कहा कि उस समय कई ऐसे संगठन और लोग थे जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था, इन तत्वों का आजादी में कोई योगदान नहीं रहा। सोनिया ने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी के सभी महिला पुरुष कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देती हूं।

अपने भाषण की शुरूआत करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं सदन में खड़ी होकर इस आंदोलन के बारे में बोल रही हूं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई।उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू ने काफी लंबे समय तक जेल में समय बिताया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अंग्रेजी हुकुमत ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर गोलियां बरसाईं और राष्ट्रवादी अखबारों पर पांबदी लगाई थी। सत्याग्रहियों को डराया और धमकाया गया, महिलाओं का उत्पीड़न किया गया। सोनिया ने कहा कि आंदोलन के दौरान लोगों को बर्फ की सिल्लियों पर नंगा कर जुल्म ढाए गए, उसके बावजूद भी लोगों ने आंदोलन में पीछे नहीं हटे।

सोनिया ने कहा, ‘हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उस दौर में ऐसे संगठन और ऐसे व्यक्ति भी थे, जिन्होंने आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं दिया। ऐसे संगठन आजादी के आंदोलन का विरोध करते थे, लेकिन आज आजादी की बात करते हैं।’

सोनिया ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि जब हम भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं सालगिराह मना रहे हैं, तब देशवासियों के मन में कई आशंकाए हैं कि क्या अधंकार की शक्तियां तेजी से नहीं फैल रही हैं।’ सोनिया ने कहा कि ये आंदोलन हम सबको याद दिलाता है कि हम भारत के विचार को संप्रदायिक सोच का चेहरा नहीं बनने देंगे।

बिना नाम लिए मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए सोनिया ने कहा कि महात्मा गांधी ने एक न्याय संगत भारत के लिए लड़ाई लड़ी थी। लेकिन इस पर नफरत और विभाजन की राजनीति के बादल छा गए हैं, पब्लिक स्पेस में विचारों की बहस की गुंजाइश कम हो रही है, कई बार कानून के राज पर भी गैर कानूनी शक्तियां मजबूत होती दिख रही है।

 

 

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