कर्नाटक में बीजेपी की सरकार गिरने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने ऐसे लिए मजे

0

कर्नाटक में जारी सियासी संग्राम के बीच शनिवार(19 मई) को मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने विश्वास मत पर वोटिंग से पहले इस्तीफा दे दिया और इस तरह कर्नाटक में तीन दिन पुरानी येदियुरप्पा सरकार गिर गई।

बता दें कि, उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को आदेश दिया था कि येदियुरप्पा सरकार आज शाम चार बजे राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल करें। हालांकि राज्यपाल वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा को अपना बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। अपने भावनात्मक भाषण के बाद उन्होंने विधानसभा में कहा ,‘मैं विश्वास मत का सामना नहीं करूंगा। मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं।’

बता दें कि, उनके इस्तीफे के बाद अब राज्य में जद (एस) की राज्य इकाई के प्रमुख एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व में सरकार गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। जद (एस) को कांग्रेस का समर्थन हासिल है। कांग्रेस – जद (एस) गठबंधन ने 224 सदस्यीय विधानसभा में 117 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। दो सीटों पर विभिन्न कारणों से मतदान नहीं हुआ था जबकि कुमारस्वामी दो सीटों से चुनाव जीत थे।

बी एस येदियुरप्पा के इस्तीफे पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर मजे रहें है और बीजेपी पर तंज कस रहें है। कुछ यूजर ने लिखा कि बीजेपी 2 महीने रुक जाती, तो सरकार भी बन जाती और बेइज्ज़ती नहीं होती, नैतिकता भी बची रहती। वहीं, कुछ यूजर ने लिखा कि, अब कर्नाटक का गुस्सा कहीं और निकलेगा। वहीं, कुछ यूजर ने लिखा कि, कर्नाटक में ज़ालिम का गुरूर टूट गया।

इसी बीच, जाने माने लेखक चेतन भगन ने लिखा कि, ”ये स्वीकार करना पड़ेगा कि कर्नाटका फ्लोर टेस्ट एक टेस्ट था और इसमें राहुल गांधी की जीत हुई है।”

देखिए कुछ ऐसे ही ट्वीट :

https://twitter.com/SirRavish_Ndtv/status/997795565143379974

https://twitter.com/Manmohantweets_/status/997801258248474626

कर्नाटक में राजनीतिक संकट से संबंधित पूरा घटनाक्रम

12 मई : कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतदान।

15 मई : निर्वाचन आयोग ने चुनाव परिणामों की घोषणा की। भाजपा 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीट मिलीं जिन्होंने चुनाव बाद गठबंधन कर लिया।

भाजपा और कांग्रेस – जेडीएस गठबंधन दोनों ने सरकार बनाने का दावा पेश किया।

16 मई : कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और बीएस येदियुरप्पा से अगले दिन शपथ लेने को कहा।

16-17 मई : उच्चतम न्यायालय ने आधी रात में तत्काल सुनवाई के लिए अपने द्वार खोले।

17 मई : तड़के दो बजकर ग्यारह मिनट पर सुनवाई शुरू हुई और सुबह पांच बजकर 28 मिनट पर खत्म हुई। न्यायालय ने शपथग्रहण समारोह पर रोक लगाने से इनकार किया।

येदियुरप्पा ने सुबह नौ बजे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

18 मई : उच्चतम न्यायालय ने 19 मई की शाम चार बजे शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया।

कांग्रेस – जेडीएस गठबंधन देर रात उच्चतम न्यायालय पहुंचा और शक्ति परीक्षण के लिए भाजपा विधायक केजी बोपैया को विधानसभा का अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त करने के राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह मुद्दे पर 19 मई को सुनवाई करेगा।

19 मई : न्यायालय ने विश्वास मत में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शक्ति परीक्षण का सीधा प्रसारण किए जाने का आदेश दिया।

शाम चार बजे : येदियुरप्पा ने कहा , ‘‘ मैं विश्वास मत का सामना नहीं करूंगा , मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। ’’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here