सोशल मीडिया: ‘जीत के अलग-अलग मायने हैं, हार का संदेश एक है- नफ़रत की राजनीति नामंज़ूर’

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कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनावों में बुधवार(13 सितंबर) को शानदार वापसी करते हुए अध्यक्ष पद समेत चार अहम पदों में से दो पर कब्जा जमाया। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) में मजबूत आधार वाली भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सचिव और संयुक्त सचिव की सीटें जीती।

PHOTO: Prokerala.com

एनएसयूआई के रॉकी तुसीद ने 1,590 मतों के अंतर से अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की, जबकि पार्टी के उपाध्यक्ष पद पर कुणाल सहरावत ने एबीवीपी उम्मीदवार को 175 मतों से हराया। एबीवीपी की महामेधा नागर ने सचिव के पद पर एनएसयूआई की मिनाक्षी मीणा को 2,624 मतों के अंतर से हराया, जबकि पार्टी की संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार उमा शंकर ने एनएसयूआई के अविनाश यादव को 342 मतों से हराया।

सोनिया गांधी सहित सभी कांग्रेस नेताओं ने दी बधाई

डूसू के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए NSUI ने इसे ‘शानदार वापसी’ बताते हुए कहा कि यह साफ संकेत है कि छात्र बिरादरी का कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर भरोसा बहाल हुआ है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं ने NSUI को इस शानदार जीत पर बधाई दी है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने लिया मजा

NSUI की इस जीत पर सोशल मीडिया यूजर्स भी अपने-अपने अंदाज में ट्वीट कर मजा ले रहे हैं। साथ ही विपक्षी पार्टियां भी ABVP की इस करारी हार पर मोदी सरकार और बीजेपी पर हमला बोलने का मौक नहीं छोड़ रहे हैं। स्‍वराज पार्टी के संयोजक योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर लिखा, ‘जीतने वाले संगठन अलग-अलग हैं, हारने वाला एक है– ABVP, जीत के अलग-अलग मायने हैं, हार का संदेश एक है — नफ़रत की राजनीति नामंज़ूर।’

देखिए ट्वीट:-

 

 

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