‘लापता’ पोस्टर पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का पलटवार, सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस से पूछे इन सवालों के जवाब

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देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में घातक कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ रहे मामलों के बीच राजनीति भी शुरू हो गई है। इस बीच, अमेठी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ ‘लापता’ होने का पोस्टर लगाया गया है। इसमें अमेठी की जनता की तरफ से सांसद स्मृति ईरानी से सवाल पूछे गए हैं।

स्मृति ईरानी

‘लापता सांसद से सवाल’ के पोस्टरों में लिखा है कि अमेठी से सांसद बनने के बाद साल में 2 दिन महज कुछ घंटों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाली सांसद आज कोरोना महामारी के दर्द से अमेठी की जनता त्रस्त है। हमने आपको टि्वटर के माध्यम से अंताक्षरी खेलते देखा है। सांसद होने के नाते अमेठी की जनता आपको ढूंढ़ रही है। यूं ही अमेठी की जनता को निराश्रित छोड़ देना यह दर्शाता है कि शायद अमेठी आपके लिए महज टूर हब है। क्या अब आप अमेठी में सिर्फ कंधा ही देने आएंगीं?

इस पोस्टर को ऑल इंडिया महिला कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल पर भी शेयर किया है। महिला कांग्रेस ने ईरानी को टैग करते हुए लिखा है कि अमेठी की जनता अपनी लापता सांसद को ढूंढ रही है। इसके बाद स्मृति ईरानी ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि ये बताएं कि सोनिया गांधी जी कितनी बार गईं इस दौरान अपने क्षेत्र (रायबरेली) में गई?

स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया, “आपको मुझसे इतनी मोहब्बत थी ये पता नहीं था.. चलें अब कुछ आपको भी हिसाब दिया जाए 8 महीने 10 बार 14 दिन का हिसाब है मेरे पास… लेकिन ये बताएँ सोनिया जी कितनी बार गयी इस दौरान अपने क्षेत्र में?” इसके अलावा एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “कलेक्टर अमेठी , सुल्तानपुर, रायबरेली से सतत संपर्क एवं समन्वय के माध्यम से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ अमेठी के जन जन तक पहुँचे ये प्रयास किया मैंने … बताएँ सोनिया जी ने स्वयं कितनी बार प्रयास किया अपने क्षेत्र के लिए?”

उन्होंने आगे लिखा, “लॉकडाउन में अमेठी में आपके नेताओं द्वारा जो वर्षों पुराना सपना दिखाया गया गरीब जनता को उस मेडिकल कॉलेज का काम करवाया योगी आदित्यनाथ जी के आशीर्वाद से. बताएं आज तक अमेठी के मेडिकल कॉलेज का एक बार भी अभिनंदन क्यूं नहीं किया.. खुश नहीं क्या आप अमेठी के लिए?” उन्होंने आगे लिखा, “ब्लॉक शाहगढ़, विधान सभा गौरिगंज में खम्भे पे काग़ज़ चिपकाया तो कम से कम अपना नाम तो लिख देते नीचे… इतना भी क्या शर्माना। कहीं ऐसा तो नहीं की अमेठी को कंधा देने की शरमनाक बात कहने वाले जानते हैं की जनता उन्हें माफ़ नहीं करेगी?”

उन्होंने आगे कहा, “अब तक 22,150 नागरिक बस से एवं 8322 ट्रेन से मात्र अमेठी जनपद में लौटें हैं , वो भी पूरी क़ानूनी प्रक्रिया के बाद । एक एक परिवार , एक एक व्यक्ति का नाम बता सकती हूँ … क्या ऐसा ही हिसाब सोनिया जी रायबरेली के लिए देना चाहेंगी?” एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, “अमेठी में कोरोना पहली बार तब आया जब आपके नेताओं ने लॉकडाउन के नियम तोड़े … अब आप चाहते हैं की मैं क़ानून तोड़ के लोगों को घर से बहार निकलने के लिये प्रोत्साहित करूँ ताकी आप ट्विटर-ट्विटर खेल सकें। आपको अमेठी प्यारी ना होगी मुझे है Folded hands लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना बंद करें।”

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