BJP सांसद ने संसद में पोर्न को लेकर कही ऐसी बात, नाराज स्मृति ईरानी ने जताया विरोध, देखें वीडियो

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राज्यसभा ने बुधवार को पोक्सो संशोधन विधेयक पारित कर दिया जिसमें चाइल्ड पोर्नोग्राफी को परिभाषित करते हुए बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में मृत्यु दंड का भी प्रावधान किया गया है। उच्च सदन में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए केंद्र सरकार ने 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने को मंजूरी दी है।

स्मृति ईरानी

उन्होंने कहा कि अभी तक 18 राज्यों ने ऐसी अदालतों की स्थापना के लिए सहमति जतायी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री के जवाब के बाद उच्च सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। हालांकि, सदन में इस बिल पर चर्चा के दौरान एक बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हो हुई कि वहां मौजूद सभी सांसद असहज दिखे। जिस समय बिल पर चर्चा चल रही थी उसी समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने कुछ ऐसा कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी नाराज हो गईं।

दरअसल, बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा के राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने सवाल उठाए कि हम किस तरह की सामग्री टीवी पर परोस रहे हैं। विज्ञापनों से लेकर फिल्मों और गानों तक की सामग्री पर चिंता व्यक्त करने के बाद उन्होंने अपने निजी अनुभव को सदन में साझा किया। हरनाथ ने सदन में बताया कि एक समाजसेवी उनके घर आए थे। उन्होंने बार-बार पॉर्न का जिक्र किया। मैंने उनसे कहा कि मैं पॉपकॉर्न तो जानता था, लेकिन पॉर्न के बारे में नहीं जानता था।

सांसद ने कहा कि समाजसेवी ने न सिर्फ मुझे बताया कि पॉर्न क्या होता है, बल्कि इससे संबंधित कुछ तस्वीरें भी दिखाईं। जहां संवैधानिक पदों पर आसीन लोग आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे थे। हरनाम सिंह की बातों को सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन में कई महिला सांसद बैठी हैं और यह चर्चा पूरा देश देख रहा है तो ऐसी बातें बोलने से बचना चाहिए। इससे पहले हरनाथ सिंह यादव ने जब बॉलीवुड अभिनेत्रियों का जिक्र किया, तो भी सदन में विरोध के स्वर सुनाई दिए।

इससे पहले ईरानी ने कहा कि 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन के लिए कुल 767 करोड़ रूपये का खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें से केंद्र 474 करोड़ रूपये का योगदान देगा। ईरानी ने कहा कि सरकार अपनी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से इस बात को प्रोत्साहन दे रही है कि बच्चे अपने विरूद्ध होने वाले यौन अपराधों के बारे में निडर होकर शिकायत कर सकें और अपने अभिभावकों को बता सकें।

(देखें वीडियो)

 

 

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