फर्जी डिग्री विवाद: अदालत ने चुनाव आयोग से स्मृति ईरानी के सर्टिफिकेट प्रमाणित करने के लिए कहा

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केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी की डिग्री पर चल रहे विवाद में अदालत ने दिल्ली चुनाव आयोग को मंत्री की डिग्री पेश करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने आयोग से कहा कि वह वर्ष 2004 में दिल्ली की चांदनी चौक विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते समय स्मृति ईरानी द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की प्रति पेश करे। अदालत ने कहा कि अभी कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण की जरूरत है।

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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी डिग्री के बाबत कथित तौर पर गलत सूचना देने के मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने चुनाव अयोग से ईरानी के सत्यापित दस्तावेज पेश करने को कहा है। मामले में गुरुवार को अदालत ने निर्वाचन आयोग से पूछा कि क्या आप ने सभी प्रमाण पत्रों (दस्तावेजों) की जांच कर ली है।

जनसत्ता की खबर के अनुसार अदालत ने निर्देश दिया कि पहले आयोग केंद्रीय मंत्री के सभी दस्तावेजों को सत्यापित करे। इसके बाद आयोग उन्हें अदालत में पेश करे। मजिस्ट्रेट ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि 15 अक्तूबर को दस्तावेज अदालत के समक्ष रखे जाएं।

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अदालत ने साक्ष्य अधिनियम की धारा 65 (इ) के तहत सर्टिफिकेट पेश करने के निर्देश दिए, ताकि इलेक्ट्रॉनिक डाटा से उसका मिलान कराया जा सके। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 15 अक्तूबर तक टाल दी। अगली सुनवाई इसी दिन होनी है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर चुनाव आयोग में हलफनामे में अपनी शैक्षणिक योजना के बारे में कथित रूप से गलत सूचना देने का आरोप है। पिछली सुनवाई के दौरान मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह को इस मुद्दे पर अपना आदेश सुनाना था, लेकिन उन्होंने यह कहकर इसे टाल दिया कि आदेश तैयार नहीं है।

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