भाईचारे की मिसाल: रमजान में सहरी के लिए मुस्लिम पड़ोसियों को ढोल बजाकर उठा रहे सिख बुजुर्ग ने जीता लोगों का दिल, वायरल हुआ वीडियो

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सोशल मीडिया पर इन दिनों रमजान के पाक महीने में एक दिल छू लेने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिल रही है। इस वीडियो में नजर आ रहा है कि एक बुजुर्ग सिख अपने पड़ोसियों को ढोल बजाकर आवाज लगाते हुए सुबह-सुबह सेहरी (रोजा शुरू होने से पहले सुबह खाया जाने वाला खाना) के लिए उठा रहे हैं। सख्स जाति-धर्म के मतभेदों को नजरअंदाज कर सहरी के लिए अपने मुस्लिम पड़ोसियों को जगाने का पवित्र काम कर रहे हैं।

एकता की मिसाल बन रहे इस शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। लोग इस सिख बुजुर्ग की जमकर तारीफ कर रहे हैं, जो दूसरे धर्म का होते हुए भी मुस्लिमों को उनके रोजा रखने में मदद कर रहे हैं। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक यह वीडियो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का बताया जा रहा है। वीडियो में सिख बुजुर्ग ढोल बजाते हुए मुस्लिमों को उठकर रोजा रखने की अपील कर रहे हैं।

21 सेकेंड के इस वीडियो क्लिप में बुजुर्ग सिख अपने पड़ोसियों को जगाने के लिए ढोल बजाते दिख रहे हैं। हालांकि, अज्ञात बुजुर्ग की पहचान तो नहीं हो पाई है, लेकिन उनके काम ने उनकी पहचान को आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द्र के लिए एक मिसाल बना दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इस सिख व्यक्ति की प्रशंसा करते हुए कह रहे हैं कि यह व्यक्ति कश्मीर में सदियों से चले आ रहे सांप्रदायिक सौहार्द को दिखा रहा है।

बुजुर्ग सिख ढोल बजाने के साथ-साथ आवाज लगाते हैं, ‘अल्लाह रसूल दे प्यारो, जन्नत दे तलबगारो, उठो रोजा रखो।’ इस वीडियो को सोशल मीडिया के सभी प्लैटफॉर्म पर तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोग इन बुजुर्ग को दुआएं दे रहे हैं।बता दें कि रमजान के दौरान सहरी के लिए लोगों को जगाने का काम मोहल्ले का कोई एक व्यक्ति करता है, लेकिन किसी अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है यह काम दुर्लभ तो है लेकिन नया नहीं है।

दरअसल, रमजान के दिनों में रोजादार सुबह में जो खाते-पीते हैं, उसको सहरी कहते हैं। सहरी का समय फज्र की नमाज के लिए होने वाली अजान से पहले तक होता है। फज्र की अजान सूर्योदय से कुछ देर पहले होती है। रोजा रखने से पहले रोजादार इसी समय में कुछ खा-पी लेते हैं। क्योंकि अगर किसी शख्स की आंख सहरी के वक्त नहीं खुलती तो पूरे दिन उसे बिना खाए-पिए रोजा रखना पड़ता है, जिससे मुश्किल हो जाती है।

(देखिए वीडियो)

रमजान में सहरी के लिए मुस्लिम पड़ोसियों को ढोल बजाकर उठा रहे सिख

भाईचारे की मिसाल: रमजान में सहरी के लिए मुस्लिम पड़ोसियों को ढोल बजाकर उठा रहे सिख बुजुर्ग ने जीता लोगों का दिल, वायरल हुआ वीडियो

Posted by जनता का रिपोर्टर on Tuesday, 29 May 2018

 

 

 

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