सड़क हादसे में घायल फौजी को देख सिद्धू ने रुकवाया काफिला, पहुंचाया अस्पताल

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आपने अक्सर देखा होगा कि सड़क दुर्घटना में घायल इंसान की मदद के लिए कोई जल्दी आगे नहीं आता है। लेकिन लोग उसकी मदद करने की बजाय घटना का वीडियो या फिर फोटो लेने से नहीं चूकते है। जिस कारण सही समय पर इलाज नहीं मिलने से दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान चली जाती है। लेकिन ऐसे में पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू मिसाल पेश की है जो ओर लोगों को कई सीख दे सकती है।

सिद्धू
फोटो- दैनिक जागरण

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फिरोजपुर छावनी में सारागढ़ी गुरुद्वारा साहिब के नजदीक शुक्रवार को हादसे के कारण सड़क पर तड़प रहे फौजी को जब नवजोत सिंह सिद्धूने देखा तो उन्होंने तुरंत अपने काफिले को रोका और सीधे फौजी के पास पहुंच गए ओर जे. ई. पी. डबल्यू. डी. फिरोजपुर नरिन्दर ककड और ट्रैफिक इंचार्ज कुलदीप शर्मा आदि की मदद से फौजी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया।

इतना ही नहीं साथ ही उन्होंने अपने सुरक्षा कर्मचारी को डांटते कहा कि घायल व्यक्ति को देखकर भी अाप अागे चले गए। हमारा फर्ज बनता है घायल को देख उसे अस्पताल पहुंचाया जाए। इसी बीच एक अादमी बोला सिद्धू साहब हम फंक्शन के लिए लेट हो रहे हैं तो उन्होंने कहा फंक्शन तो रोज होते हैं यहां किसी की जिंदगी का सवाल है।

फोटो- पंजाब केसरी

ख़बरों के मुताबिक, लोगों ने मंत्री सिद्धू द्वारा किए गए इस कार्य की प्रशंसा की है। फौजी को सिविल अस्पताल में लाने वाले राजेश खुराना उर्फ टोनी ने बताया कि सिद्धू ने पुलिस को भी घायल फौजी की देखभाल के लिए भेजा। फौजी ने बताया कि किसी अज्ञात वाहन ने उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, जिससे वह बुरी जख्मी हो गए।

बता दें कि, अभी हल में महाराष्ट्र के पुणे में एक युवक की जान बस इस वजह से चली गई क्योंकि वक्त रहते उसे मेडिकल सहायता नहीं मिली। 25 साल का एक आईटी इंजीनियर फोर व्हीलर की टक्कर से घायल होकर खून से लथपथ सड़क पर मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन लोग उसकी मदद करने की बजाय फोटो खींचते रहे और वीडियो बनाते रहे और आख़िरकार युवक ने दम तोड़ दिया।

काफी देर बाद वहां से गुजर रहे एक डाॅक्टर ने उसे एक ऑटो वाले की मदद से यशवंतराव चवन मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन शायद जब तक इलाज में बहुत देरी हो चुकी हो थी और अस्पताल ने इस शख्स को मृत घोषित कर दिया।

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