चिटफंड मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस के पूर्व प्रमुख राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए CBI से मांगे सबूत

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सुप्रीम कोर्ट ने सारदा चिटफंड घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार से हिरासत में पूछताछ का आग्रह करने वाले केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से मंगलवार (30 अप्रैल) को कहा कि इसके लिए उसे साक्ष्य पेश करने होंगे।

File Photo: PTI

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीआई की ओर से पेश सालिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि उसे हमें संतुष्ट करना होगा कि कुमार को हिरासत मे लेकर पूछताछ करने का उसका आग्रह उचित और न्याय के हित में है।

पीठ ने तुषार मेहता से कहा कि इस संबंध में साक्ष्य पेश कर हमें संतुष्ट कीजिए कि चिटफंड मामले में साक्ष्य नष्ट करने या उन्हें गायब करने में कुमार की कहीं कोई भूमिका है। मेहता ने पीठ से कहा कि वह कल कुमार के खिलाफ इस संबंध में साक्ष्य दाखिल कर देंगे। इस पर पीठ ने जांच ब्यूरो की अर्जी बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दी।

न्यायालय के आदेश पर जांच एजेंसी सारदा चिट फंड घोटाला मामले की जांच कर रही है और अब वह कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से हिरासत में पूछताछ करना चाहती है, क्योंकि उसका दावा है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने सवालों के टालमटोल वाले जवाब दिए थे।

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया है कि सारदा चिटफंड घोटाले की एसआईटी जांच के अगुवा रहे कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ छेड़छाड़ की और उन्होंने सीबीआई को जो दस्तावेज सौंपे, उनमें से कुछ में ‘छेड़छाड़’ की गई थी। पिछले दिनों सीबीआई की एक टीम राजीव कुमार से पूछताछ करने के लिए कोलकाता स्थित उनके आवास पर गई थी, लेकिन टीम को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें जीप में भरकर थाने ले जाया गया।

सीबीआई की टीम को थोड़े समय के लिए हिरासत में भी रखा गया था। उसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘संविधान बचाने के लिए’ तीन दिन तक धरना दिया था। फिर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद उन्होंने अपना धरना खत्म किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अमित शाह पर बंगाल में तख्तापलट करने का प्रयास करने के आरोप लगाए थे।

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