दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को बताया, सुरक्षा बलों की कमी से हिंसा बढ़ी

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उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को सीएए समर्थकों और सीएए विरोधियों के बीच हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। तीसरे दिन भी मौजपुर-बाबरपुर इलाके में सुबह से ही पथराव हो रहा है और जानकरी के मुताबिक, इस इलाके में हालात अभी पूरी तरह तनावपूर्ण बने हुए हैं।

दिल्ली पुलिस

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार (25 फरवरी) को केन्द्रीय गृह मंत्रालय को बताया कि उनके पास इतना पर्याप्त बल नहीं है कि वह तुरन्त हिंसा को नियंत्रित कर सके। बता दें कि, दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हिंसा में एक पुलिसकर्मी समेत नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ अपनी बैठक के दौरान पर्याप्त बलों की अनुपलब्धता के बारे में जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को बताया कि उनके पास उत्तरपूर्व दिल्ली मे हिंसा को तुरन्त नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त बल नहीं था। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय को बताया गया है कि हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में सशस्त्र पुलिस की एक बटालियन (लगभग एक हजार कर्मी) तैनात की गई है।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलिस को अर्धसैनिक बलों की कुल 35 कंपनियां उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें से 20 कंपनियां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा को बढाने के लिए पिछले तीन दिन में दी गई थी।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर हुई हिंसा में अब तक एक हेड कांस्टेबल समेत नौ लोगों की मौत हो गई और अर्धसैनिक बलों तथा दिल्ली पुलिस के जवानों समेत 50 लोग घायल हुए है। प्रदर्शनकारियों ने कई मकानों, दुकानों, वाहनों और एक पेट्रोल पंप में आग लगा दी और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव भी किया। सीएम अरविंद केजरीवाल ने हिंसा की समीक्षा के लिए गृहमंत्री अमित शाह और एलजी अनिल बैजल से मंगलवार को मुलाकात की।

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