बकरीद के दिन शिया-सुन्नी की एकता का मिसाल बनेगा राजधानी दिल्ली और लखनऊ

0

एक बार फिर देश की राजधानी दिल्ली और नवाबों का शहर लखनऊ बकरीद के दिन शिया और सुन्नी का एकता का मिसाल बनेगा। बकरीद की ये नमाज़ ‘शोल्डर टू शोल्डर फाउंडेशन के द्वारा आयोजित की जाएगी फाउंडेशन का मकसद लोगों को साथ लाना है।

alfj1wt4cjn4_-ijejpznchjose5xhsn70bqe_ol8okd

गौरतलब है कि हमेशा से ही शिया और सुन्नी अलग-अलग नमाज अदा करते आए हैं। ये कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योकि शिया- सुन्नी में भारत के अलावा भारत के बाहर भी तनाव देखने को मिलता है, ईरान, इराक,सीरिया और पाकिस्तान जैसे देशों में शिया-सुन्नी में तनाव के कारण ही हज़ारों लोगों की जान गई है।

Also Read:  घोषणापत्रों पर होगी चुनाव आयोग की नजर, झूठे वादें करने वाली पार्टी से छीना जाएगा चुनाव चिन्ह

पिछली साल जामिया नगर में मज़ीन खान ने इन दो संप्रदायों के बीच बढ़ती दुशमनी को खत्म करने के लिए ऐसी पहल करने की कोशिश की थी

टू सर्किल.नेट की खबर के अनुसार, समारोह दिल्ली में शाह-ए-मर्दन और शाहज़नफ इमामबाड़ा में लखनऊ में आयोजित किया जाएगा, नमाज़ 13 सितंबर के दिन सुबह 8 बजे शुरू होगी,शिया-सुन्नी एक साथ ईद की नमाज़ अदा करेंगे।

Also Read:  पाकिस्‍तान ने रिहा किया भारतीय सैनिक चंदू चव्‍हाण को, गलती से चले गए थे सीमापार

शोल्डर टू शोल्डर फाउंडेशन संस्था एकता, और भाईचारे में विश्वास रखता है
संस्था के आयोजक ने कहा- समुदाय के बीच अधिक से अधिक संपर्क की सुविधा और धार्मिक बहुलवाद को बढ़ावा देना है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना कल्वे सादिक ने कहा कि यह बहुत ही अच्छी पहल है। शिया और सुन्नियों की इबादत और उसके तरीके तकरीबन एक जैसे ही हैं। दोनों में सिर्फ बकरीद उल फितर और ईद-उल-अज्हा की नमाज के तरीके कुछ अलग हैं।

Also Read:  महिला को थप्पड़ मारते मेरठ के बीजेपी नेता का वीडियो वायरल, पति ने लगाया अवैध संबंध का आरोप

मालूम हो कि शिया सुन्नी में हमेशा धार्मिक मान्यताओं पर तनाव रहा है शिया शहादत और बलिदान को तरजीह देते हैं, वहीं सुन्नी पूरी दुनिया में अल्लाह की ताकत पर ज़ोर देते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here