शिवसेना का BJP पर हमला, कहा- बर्बाद हुए ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के लिए प्रचार पर खर्च किए गए पैसे

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केंद्र सरकार और महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने बुधवार (22 नवंबर) को बीजेपी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार-प्रचार पर खर्च की गई करोड़ों रुपये की राशि का इस्तेमाल महाराष्ट्र में कम से कम दो हजार शौचालयों के निर्माण के लिए किया जा सकता था।

शिवसेना

न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया कि यद्यपि सरकार ने राज्य और मुंबई के खुले में शौच मुक्त बनने के बारे में काफी विज्ञापन दिया, लेकिन दावा हकीकत से दूर है। संपादकीय में उस वीडियो क्लिप का हवाला दिया गया जिसमें महाराष्ट्र के मंत्री एवं भाजपा नेता राम शिन्दे सड़क किनारे लघुशंका करते दिखाई देते हैं।

इसमें कहा गया कि, मंत्री को गलत करार दिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए उन्हें अकेले को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। जो लोग घोटालों में शामिल हैं और जिन्होंने स्वच्छता अभियान के कोष को लूटा है, वे जिम्मेदार हैं

पार्टी ने कहा कि शिन्दे की स्वास्थ्य स्थिति ने उन्हें सड़क पर रुकने और सड़क किनारे लघुशंका करने के लिए विवश किया। लेकिन जिस तरह यह वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित हुआ और कुछ मीडिया संगठनों ने इस पर चर्चा की, वह अच्छी पत्रकारिता का संकेत नहीं है।

संपादकीय में कहा गया कि, गंगा नदी को साफ करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। वही हाल प्रधानमंत्री मोदी के अति महत्वाकांक्षी ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के साथ हो रहा है। प्रधानमंत्री ने झाड़ू उठाई। तुरंत बीजेपी के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने उनका अनुसरण किया और यही चीज की, लेकिन यह केवल फोटो खिंचवाने के लिए किया गया।

यह उल्लेख करते हुए कि शौचालयों की संख्या आबादी के अनुपात के हिसाब से होनी चाहिए। शिवसेना ने कहा, महाराष्ट्र के मामले में 26 नगर निगम और 239 परिषद हैं। राज्य की कुल आबादी में 45 प्रतिशत शहरी आबादी है जिसमें 30 प्रतिशत लोगों की शौचालयों तक पहुंच नहीं है। इस कारण उन्हें खुले में शौच करने के लिए विवश होना पड़ता है।

शिवसेना ने कहा कि गांवों में भी हालत खराब है। सार्वजनिक स्थलों पर शौचालयों के अभाव में महिलाओं को भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसने कहा, यदि सरकार ने महाराष्ट्र में राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर अधिक शौचालय बनाए होते तो राम शिन्दे के सामने आई स्थिति को टाला जा सकता था।

गौरतलब है कि, कुछ दिनों पहले ही महाराष्ट्र के मंत्री राम शिंदे का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह कथित तौर पर सड़क किनारे पेशाब करते दिख रहे हैं। बता दें कि, अभी हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें बताया गया था कि आबादी के लिहाज से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश भारत में बुनियादी साफ सफाई के बिना रहने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है।

भारत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुई व्यापक प्रगति के बावजूद 73.2 करोड़ से ज्यादा लोग या तो खुले में शौच करते हैं या फिर असुरक्षित या अस्वच्छ शौचालयों का इस्तेमाल करते हैं। वाटर एड्स की स्टेट ऑफ द वर्ल्ड टॉयलेट्स 2017 रिपोर्ट कहती है, भारत में करीब 35.5 करोड़ महिलाओं और लड़कियों को अब भी शौचालय का इंतजार है।

बता दें कि ‘स्वच्छ भारत अभियान’ मोदी सरकार द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है, जिसका उद्देश्य गलियों, सड़कों तथा अधोसंरचना को साफ-सुथरा करना है। यह अभियान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस 02 अक्टूबर 2014 को आरंभ किया गया था।

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