अगर हाजी अली में तृप्ति देसाई आई, तो चप्पलों से होगी पिटाई: शिवसेना नेता

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पिछले दिनों महाराष्ट्र दो बड़े मंदिरों शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश दिलवाने के कारण तृप्ति देसाई का नाम सुर्खियों में रहा लेकिन शनि शिंगणापुर और त्रयंबकेश्वर मंदिर में प्रवेश के बाद तृप्ति देसाई ने हाल ही में हाजी अली दरगाह में चादर चढ़ाने की घोषणा की थी जिसके बाद शिवसेना नेता अराफत शेख ने कहा है कि अगर तृप्ति देसाई ने हाजी अली दरगाह में घुसने की कोशिश की तो उन्हें चप्पलों का प्रसाद दिया जाएगा।

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जनसत्ता व भास्कर की खबर के अनुसार भूमाता ब्रिगेड की तृप्ती देसाई ने शनी शिंगनापूर और त्र्यंबकेश्वर के बाद अपना मोर्चा हाजी अली दरगाह की तरफ बढ़ाने की घोषणा की थी। 28 अप्रैल को कई सेक्युलर संगठनों के साथ तृप्ती देसाई हाजी अली के बाहर आंदोलन का ऐलान भी कर चुकी हैं। उसके बाद अराफात ने दरगाह में जाकर मजार पर चादर चढ़ाने की बात करने वाली तृप्ति देसाई और अन्य महिला संगठनों को धमकी देते हुए कहा कि वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे।

अराफात ने कहा, तृप्ति देसाई ने कहा है कि वे हाजी अली में जाकर मजार को छुएंगी। हम इसकी घोर निंदा करते हैं, हम ऐसा नहीं होने देंगे। वह इतना कहकर ही नहीं रूकते आगे वह कहते है कि चप्पलों से पिटाई की बात भी कहते हैं। अराफात शेख के इस बयान के बाद तृप्ति देसाई ने यू टर्न लेते हुए कहा कि वह मजार पर चादर चढ़ाने नहीं बल्कि आंदोलन करने के लिए हाजी अली दरगाह जा रही है।

शिवसेना ने अपने वरिष्‍ठ नेता हाजी अराफात शेख के उस बयान से खुद को अलग कर लिया है, जिसमें उन्होंने हाजी अली दरगाह में घुसने की कोशिश करने पर महिलाओं को चप्पल से पीटने की चेतावनी दी थी। पार्टी प्रवक्ता नीलम गोरखे ने शेख के बयान को खारिज कर दिया और उनके खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी। गोरखे ने बताया,’यह पूरी तरह से उनका निजी बयान है। यह शिवसेना का रूख नहीं है। हमे बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं।

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