33 करोड़ लोगों को भूख और गरीबी की ओर धकेलना, यह एंटी नेशनलिज्म है: शिव सेना

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राज्यसभा में आज सूखे पर चर्चा हुई। शिवसेना ने सरकार को सूखे पर जमकर कोसा है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि देश पहले सूखा मुक्त होगा तभी कांग्रेस मुक्त भी हो पाएगा।
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शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बुधवार को राज्यसभा में सूखे का मामला उठाया और केन्द्र सरकार पर जमकर बरसे राउत ने कहा भूखे आदमी के लिए भारत माता की जय का कोई मतलब नहीं। राउत ने कहा कि अच्छे दिन का सही मतलब तभी होगा जब सूखा इलाकों में पानी आएगा। एक लाख मुआवज़ा के लिए कोई आत्महत्या नही करता।

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इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने जहां भाजपा, कांग्रेस और खुद को महाराष्ट्र की इस हालत के लिए जिम्मेदार ठहराया वहीं पीएम मोदी पर भी सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा न किए जाने को लेकर निशाना साधा। राउत ने कहा, “हर सत्र में हम पानी की कमी और सूखे को लेकर वहीं चर्चा करते हैं और मंत्रियों के वहीं जवाब होते हैं। पार्टी इस काम के लिए केंद्र सरकार नहीं चला रही है। मध्य प्रदेश मे भाजपा की सरकार है। हम 2 साल तक सत्ता में रहे हैं। जबकि कांग्रेस 50 साल तक सत्ता में रही है। हम सभी भारत की जनता को इस बिना खाने और पानी की हालत में लाने के लिए जिम्मेदार हैं।”

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बीबीसी के अनुसार इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है कि जब तक देश सूखा मुक्त नहीं हो जाता, तब तक कांग्रेस मुक्त भारत का कोई महत्व नहीं है। संजय राउत ने कहा, आप मोदी जी सूखा मुक्त भारत करिए, अपने आप देश कांग्रेस मुक्त हो जाएगा। सूखा 50 साल की देन है। कुछ दिन पहले भी शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में सूखे को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा था और पूछा था कि बीयर फैक्ट्रियों को दिया जाने वाला पानी सूखाग्रस्त क्षेत्र के किसानों को क्यों नहीं दिया जा सकता?

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10 राज्य 256 जिले और 33 करोड़ लोग। ये वो आंकड़े हैं जो केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट मे सूखा पीड़ित राज्यों के बारे में दिए हैं। देश की 33 करोड़ जनता सूखे से प्रभावित है, और पानी की भारी किल्लत का सामना कर रही है।

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