टीम इंडिया को बड़ा झटका: अंगूठे में चोट के कारण विश्व कप से बाहर हुए शिखर धवन, ऋषभ पंत की हुई एंट्री

0

विश्व कप में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन अंगूठे में फ्रैक्चर के कारण इंग्लैंड में जारी विश्व कप से बाहर हो गए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शिखर धवन विश्व कप 2019 से बाहर हो गए हैं, क्योंकि वह टूर्नामेंट के बाकी बचे हुए समय में फिट नहीं हो पाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, ऋषभ पंत शिखर धवन की जगह लेंगे।

AFP

धवन अब अंगूठे में चोट के कारण लगभा दो सप्ताह से टूर्नामेंट से बाहर हैं, लेकिन वह अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं। शिखर की जगह टीम में ऋषभ पंत को जगह दी गई है। ऋषभ पहले से ही इंग्लैंड में मौजूद हैं। ध्यान रहे कि ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच में शिखर धवन को चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें दो सप्ताह का आराम दिया गया था। इसके बावजूद वह पूरी तरह फिट नहीं हो पाए। आखिरकार टीम मैंनेजमेंट उनकी जगह ऋषभ पंत को शामिल करने का फैसला लिया।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी ट्वीट कर इसकी पुष्टि कर दी है। बोर्ड ने ट्वीट कर बताया है कि धवन के अंगूठे में प्लास्टर जुलाई के मध्य तक रहेगा और ऐसे में वह विश्व कप में आगे भाग नहीं ले पाएंगे। बोर्ड ने कहा है कि कई विशेषज्ञों से बात करने के बाद ही यह पता चला है।

इससे पहले भारत के सहायक कोच संजय बांगड़ ने पहले कहा था कि टीम प्रबंधन शिखर धवन को विश्व कप से बाहर नहीं करना चाहता है और वह उनकी रिकवरी पर नजर रखना चाहता है। धवन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान पैट कमिंस की गेंद पर बाएं हाथ के अंगूठे में चोट लग गई थी।

उन्होंने इस दौरान 109 गेंदों पर 117 रनों की पारी खेली थी। हालांकि एक्स-रे में फ्रैक्चर नहीं आया था, लेकिन सीटी स्कैन से साफ हो गया था कि धवन को हेयरलाइन फ्रैक्चर है।धवन अपनी पारी के बाद धवन ड्रेसिंग रूम में ही बैठे रहे और बर्फ से चोट की सेकाई करते रहे। वह फील्डिंग के लिए मैदान पर नहीं उतर सके थे।

रवींद्र जडेजा ने शिखर धवन के लिए फील्डिंग की थी। युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को पहले ही धवन के कवर के रूप में इंग्लैंड भेजा जा चुका है। वह मैनचेस्टर पहुंचे थे और पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले ही टीम के साथ जुड़ गए थे। सुनील गावस्कर सहित कई पूर्व खिलाड़ियों ने धवन के फिट नहीं हो पाने पर उनकी जगह पंत को टीम में शामिल करने की वकालत की थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here