नीतीश कुमार से ‘नाराज’ शरद यादव ने नई पार्टी बनाने को लेकर दिया बड़ा बयान

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24 घंटे के अंदर महागठबंधन छोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल युनाइटेड (जदयू) के नेता शरद यादव के बीच तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि, इस बीच नीतीश कुमार के लिए थोड़ी राहत की खबर आई है।

(PTI Photo)

दरअसल, नीतीश कुमार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते वाले पूर्व जेडीयू अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव को लेकर लगातार अटकलें लगाईं जा रही हैं कि वह अलग पार्टी बनाकर गठबंधन में बने रह सकते हैं। लेकिन शरद यादव ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

दरअसल, शरद यादव के विश्वस्त माने जाने वाले और दो बार बिहार विधान परिषद सदस्य रहे विजय वर्मा ने शरद के महागठबंधन में बने रहने के लिए एक नई पार्टी बनाने के संकेत दिए थे। विजय वर्मा ने कहा था कि शरद पुराने साथियों के संपर्क में हैं। लेकिन शरद यादव ने उनके दावों को खारिज करते हुए कहा कि विजय वर्मा हमारे बहुत पुराने साथियों में हैं, उन्होंने जो बात कही, भावनाओं में कही होगी।’

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शरद यादव ने कहा कि विजय वर्मा ने राजनीतिक उठापटक के दौरान भावनाओं में कोई बात बोल दी होगी, इसका मतलब यह न निकाला जाए कि किसी नई पार्टी को बनाने की भूमिका बनाई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘पार्टी बनाने का तो सवाल ही नहीं है।’ हालांकि, शरद यादव से पहले इस खबरों को जेडीयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने भी खारिज करते हुए इसे अफवाह बताया था।

दरअसल, विजय वर्मा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को फोन पर बताया था कि शरद जी पुराने साथियों के संपर्क में हैं और राजनीतिक हालात पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि नए दल का गठन एक विकल्प है और उस पर संजीदगी से विचार किया जा रहा है। वर्मा ने दावा किया था कि शरद ने जोर देकर कहा है कि वह धर्मनिरपेक्ष शक्ति वाले महागठबंधन में बने रहेंगे और इसी को जेहन रखते हुए वह कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और सीपीएम नेता सीताराम येचुरी से मिले थे।

लालू के दो बड़े नेताओं ने की मुलाकात

नई पार्टी बनाए जाने की खबरों को भले ही शरद यादव ने खारिज कर दिया हो, लेकिन उनके और नीतीश तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। खबर है कि लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता रघुवंश प्रसाद सिंह और मनोज झा ने शरद यादव से मुलाकात की। माना जा रहा है कि यह मुलाकात विपक्ष की एकता को फिर से मजबूत करने के लिए हुई है।

खबरों के मुताबिक, इन दोनों नेताओं ने शरद यादव को 27 अगस्त की ‘भाजपा भगाओ देश बचाओ’ रैली में आमंत्रित किया है। रघुवंश प्रसाद सिंह और मनोज झा ने नई दिल्ली में जदयू नेता से उनके आवास पर मुलाकात कर रैली में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया है, लेकिन उन्होंने औपचारिक रूप से अब तक इस संबंध में कुछ भी नहीं कहा है।

शरद यादव ने नीतीश के फैसले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

बता दें कि होटल के बदले भूखंड मामले में सीबीआई की प्राथमिकी पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के जनता के बीच स्पष्टीकरण नहीं देने पर नीतीश के महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी और उसके अन्य सहयोगी दलों के साथ राज्य में नई सरकार बनाए जाने को लेकर शरद यादव सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं।

गत 31 जुलाई को संसद के बाहर शरद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि जनादेश इसके लिए नहीं था और महागठबंधन के बिखरने को अप्रिय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। शरद के करीबी माने जाने के सी त्यागी ने इसे अफवाह बताते हुए कहा कि उन्हें आश्चर्य (बीजेपी के साथ हाथ मिलाने पर) व्यक्त किया है पर कभी नहीं कहा कि मेरा विरोध है।

 

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