नीतीश के फैसले को शरद यादव ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कहा- जनादेश इसके लिए नहीं था

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24 घंटे के अंदर महागठबंधन छोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार के लिए आगे की राह आसान नहीं नजर आ रही है। नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन तोड़ने के बाद इस बीच उनकी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। इस बीच सोमवार(31 जुलाई) को नीतीश कुमार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पूर्व जेडीयू अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने जमकर हमला बोला।

शरद यादव
Jdu President Sharad Yadav Addressing Press Conference in new Delhi on tuesday. Tribune Photo.Mukesh Aggarwal

संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए शरद यादव ने कहा कि मैं बिहार में लिए गए फैसले से सहमत नहीं हूं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जनादेश इसके लिए नहीं था। बता दें कि शरद यादव के अलावा जेडीयू सांसद अली अनवर ने भी खुलकर नीतीश कुमार के फैसले का विरोध कर चुके हैं।

ट्वीट कर मोदी सरकार पर बोला हमला

बिहार में जदयू के महागठबंधन से अलग होने और बीजेपी के साथ जाने के फैसले पर नीतीश कुमार से नाराज चल रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने रविवार(30 जुलाई) को एक ट्वीट कर अपनी चुप्पी तोड़ी है। पूर्व एनडीए संयोजक ने कालेधन और पनामा गेट मामले को लेकर मोदी सरकार को निशाने पर लिया।

शरद यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘विदेशों से कालाधन वापस नहीं आया, जोकि सत्ताधारी पार्टी का एक मुख्य नारा था और ना ही पनामा पेपर्स में नामित लोगों में से किसी को पकड़ा गया।’

इससे पहले भी शरद यादव ने शनिवार को भी मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कई ट्वीट किए थे। शनिवार को अन्य ट्वीट में कहा था, ‘सरकार कई सेवाओं के नाम पर जनता से काफी सेस अर्जित करती है, लेकिन फिर भी देश में किसी भी क्षेत्र में सुधार नहीं दिख रहा है।’

इससे पहले उन्होंने केंद्र की महत्वाकांक्षी फसल बीमा योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा था, ‘दूसरी योजनाओं की तरह फसल बीमा योजना भी सरकार की असफलता है, जिसके द्वारा केवल प्राइवेट बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया।’

 

 

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