क्रिकेटर मोहम्मद शमी को BCCI ने मैच फिक्सिंग के आरोपों से किया बरी

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) ने गुरुवार(21 मार्च) को टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पर उनकी पत्नी हसीन जहां द्वारा लगाए गए मैच फिक्सिंग के आरोपों से बरी कर दिया है। उन्हें फिक्सिंग के आरोपों से बरी करते हुए कॉन्ट्रैक्ट में भी शामिल कर लिया है।
बीसीसीआई ने गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि शमी के खिलाफ फिक्सिंग की जांच की गई और वह किसी भी तरह दोषी नहीं पाए गए। उन्हें ग्रेड-बी का वार्षिक अनुबंध दिया गया है, जिससे उन्हें 3 करोड़ रुपये मिलेंगे। बता दें कि, उनकी पत्नी हसीन जहां ने मोहम्मद शमी पर दहेज मांगने, दुष्कर्म, मारपीट करने और हत्या के प्रयास आदि जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं, दूसरी ओर शमी ने सभी आरोपों का खंडन किया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त क्रिकेट प्रशासकों की समिति ने दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर और बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के अध्यक्ष नीरज कुमार से मोहम्मद शमी पर लगे फिक्सिंग के अरोपों की जांच करने के लिए कहा था। अब इस मामले में नीरज ने प्रशासकों की समिति (COA) के समक्ष रिपोर्ट पेश कर दी है। बीसीसीआई के अनुसार, ‘नीरज कुमार ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट सीओए को सौंप दी है।
रिपोर्ट के निष्कर्ष के आधार पर सीओए का मानना है कि इस मामले में बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक संहिता के तहत आगे किसी तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं है।’ बीसीसीआई ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मोहम्मद शमी को सालाना कॉन्ट्रैक्ट में शामिल करने का फैसला कर लिया है। उन्हें ग्रेड-बी ऑफर किया। बता दें कि, अब शमी भी बाकी खिलाड़ियों की तरह इस श्रेणी के तहत सालाना तीन करोड़ रुपये की कमाई कर सकेंगे। बता दें कि, मोहम्मद शमी के खिलाफ पत्नी हसीन जहां ने पश्चिम बंगाल के जाधवपुर थाने में घरेलू हिंसा, रेप और हत्या की कोशिश सहित कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां की शिकायत पर ये एफआईआर दर्ज की है। जहां ने अपने पति पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। हसीन जहां ने शमी ही नहीं, बल्कि उनके भाई पर भी दफा 376 के तहत बलात्कार का आरोप लगाया है। शमी के खिलाफ रेप, हत्या और घरेलू हिंसा समेत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की सात गंभी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
शमी के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए (पति या पति के रिश्तेदारों द्वारा महिला का उत्पीड़न यानि घरेलु हिंसा), 323 (मारपीट), 307 (जान से मारने की कोशिश), 376 (महिला के साथ बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी), 328 (अपराध करने के मकसद से जहर इत्यादि द्वारा नुकसान पहुंचाना) और धारा 34 (किसी भी अपराध को अंजाम देने के लिए साझा साजिश करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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