शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने कहा- केंद्र सरकार को कम से कम अब हमसे बात करनी चाहिए

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से जमकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे है। वहीं, दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को दूसरे स्थल पर जाने के लिए मनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दो वार्ताकारों की नियुक्ति से प्रदर्शनकारियों को थोड़ी निराशा हुई, हालांकि उनमें से कई का मानना है कि अपनी असहमति को लेकर सरकार से बात करना ही अंतिम रास्ता है।

शाहीन बाग
फोटो: जनता का रिपोर्टर

बता दें कि, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में सैंकड़ों लोग, विशेषकर महिलाएं दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग में डेरा डाले हुए हैं, जिनके प्रदर्शनों की वजह से एक मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गया है जिसके कारण शहर में यातायात की समस्या पैदा हो गई है।

महिला प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने कहा कि उनके द्वारा लगाए गए तम्बू ने स्थल को ‘‘न्याय और समानता के लिए युद्ध का मैदान’’ के रूप में प्रतिरूपित किया। उन्होंने कहा कि वे वहां से जाने के विचार से विचलित नहीं हैं लेकिन वे पहले सीएए पर सरकार के साथ विस्तृत बातचीत करना चाहते हैं।

बाटला हाउस का निवासी शाहीदा खान ने कहा, ‘‘हमने 15 दिसंबर को अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया जब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों को पुलिस द्वारा बुरी तरह से पीटा गया था। हमें स्थानांतरण से बहुत खुशी नहीं होगी लेकिन चूंकि यह अदालत का फैसला है, इसलिए हम इसे पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करेंगे।’’

बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए एक टीम बनाई है। इस टीम में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े और वकील साधना रामचंद्रन शामिल हैं। वजहत हबीबुल्लाह, इस दौरान उनकी मदद कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन वकीलों से कहा है कि वो प्रदर्शनकारियों से बात करें और उन्हें धरना दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए कहें। अगर बातचीत से रास्ता नहीं निकलता है तो अदालत इस मामले को प्रशासन पर छोड़ देगा।

गौरतलब है कि, पिछले 15 दिसंबर से नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) के खिलाफ शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। शाहीन बाग में CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को अन्य जगह से लगातार समर्थन मिल रहा है। इस प्रदर्शन के चलते नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाली राह कालिंदी कुंज बंद पड़ा है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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