सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को राकेश अस्थाना के खिलाफ रिश्वतखोरी मामले में शिकायतकर्ता सतीश सना को सुरक्षा मुहैया कराने का दिया निर्देश

0

सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद पुलिस को मंगलवार (30 अक्टूबर) को निर्देश दिया कि वह देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ कथित रिश्वतखोरी मामले में शिकायतकर्ता व्यापारी सतीश सना को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए। अस्थाना को सरकार ने छुट्टी पर भेज दिया है। आपको बता दें कि इस समय दे सीबीआई खुद सवालों के घेरे में आ गई है। सीबीआई के दो सीनियर अधिकारी एक दूसरे के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

Congress 36 Advertisement
(Photo Source: Rakesh Asthana / Facebook)

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने सना के खिलाफ जारी सीबीआई के समन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। इसके अलावा सना की वह याचिका भी खारिज कर दी जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए के पटनायक की मौजूदगी में अपना बयान दर्ज कराने की मांग की थी।सीबीआई के विशेष निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी सना की शिकायत पर ही दर्ज की गई थी।

समचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सना ने सोमवार को शीर्ष अदालत से पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने और पूछताछ के लिए एजेंसी द्वारा भेजे गए समन पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। सुनवाई के दौरान सना की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने कहा कि उनके मुवक्किल की जान को खतरा है, इसलिए उन्हें सुरक्षा देने की जरूरत है।पीठ ने कहा कि अगर उनकी जान को खतरा है तो वह जरूरी कदम उठाएगी।

पीठ ने कहा, ‘‘हम यह कहेंगे कि यहां एक नागरिक है जो व्हिसिलब्लोअर होने का दावा करता है और जान को खतरे की आशंका बता रहा है। उन्हें पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए।’’ सीबीआई ने सना की शिकायत पर अस्थाना के खिलाफ 15 अक्टूबर को मामला दर्ज किया था। सना मांस निर्यातक मोइन कुरैशी से जुड़े 2017 के मामले में जांच का सामना कर रहा है।

Congress 36 Advertisement

सना ने दावा किया था कि विशेष निदेशक अस्थाना ने मोइन कुरैशी को जांच एजेंसी से क्लीन चिट दिलवाने में कथित तौर पर उसकी मदद की। अपने खिलाफ सीबीआई के समन पर रोक लगाने का अनुरोध करने के अलावा सना ने अपनी याचिका में अस्थाना के खिलाफ जांच जारी रहने के दौरान जान का खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अस्थाना और सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा से अधिकार वापस ले लिए हैं और उन्हें अवकाश पर भेज दिया है।

सना ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 160 के तहत 29 अक्टूबर को कार्यवाही में शामिल होने के लिए उन्हें सीबीआई ने जल्दबादी में नोटिस जारी किया है। सना ने कहा कि वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और जांच की निगरानी कर रहे न्यायाधीश के निर्देशानुसार जब भी बुलाया जाएगा वह दिल्ली आ जाएंगे। वर्मा और अस्थाना के बीच हाल में विवाद गहरा गया था।

क्या है पूरा मामला?

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच पिछले कुछ दिनाें से आरोप-प्रत्यारोंपों का सिलसिला चल रहा था। वर्मा और अस्थाना के तल्ख रिश्तों की शुरुआत पिछले साल अक्टूबर में तब हुई जब सीबीआई डायरेक्टर ने अस्थाना को स्पेशल डायरेक्टर प्रमोट किए जाने पर आपत्ति जताई। अस्थाना ने बाद में वर्मा के खिलाफ मीट कारोबारी मोइन कुरैशी के सहयोगी सतीश बाबू सना से 2 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया।

उधर, इस विवाद में उस समय नया मोड आया जब 15 अक्टूबर को सीबीआई ने अपने ही विशेष निदेशक अस्थाना, उप अधीक्षक देवेंद्र कुमार तथा कुछ अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। अस्थाना पर मांस कारोबारी मोइन कुरैशी के मामले के सिलसिले में तीन करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। कथित रिश्वत देने वाले सतीश सना के बयान पर यह केस दर्ज किया गया था। FIR में अस्थाना पर उसी सतीश बाबू सना से 3 करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया, जिसका आरोप वह वर्मा पर लगा रहे थे।

इसके 4 दिनों बाद अस्थाना ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को खत लिखकर सीबीआई डायरेक्टर वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। सना रिश्वतखोरी के एक अलग मामले में जांच का सामना कर रहा है, जिसमें मांस कारोबारी मोइन कुरैशी की कथित संलिप्तता है। सीबीआई के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि इसके दो सबसे बड़े अधिकारी कलह में उलझे हैं।

Congress 36 Advertisement

अस्थाना ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने के खिलाफ गत दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जहां से उन्हें 29 अक्टूबर को अगली सुनवाई तक किसी तरह की कार्रवाई से राहत मिल गई। वहीं, देवेंद्र कुमार को सीबीआई ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया था। जांच एजेंसी में चल रहे आंतरिक कलह के कारण उस पर उठ रहे सवालों को देखते हुए उसकी साख बरकरार रखने के लिए सरकार ने मंगलवार रात अभूतपूर्व कदम उठाते हुए वर्मा और अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here