केरल: ‘लव जिहाद’ मामले की सुप्रीम कोर्ट ने दिया NIA जांच का आदेश, HC ने रद्द कर दिया था मुस्लिम शख्स की शादी

0

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को (16 अगस्त) केरल के उस मुस्लिम पुरूष द्वारा उठाए गए मुद्दों की सर्वोच्च अदालत के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने का आदेश दिया है। बता दें कि मुस्लिम शख्स के विवाह को केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए रद्द कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट
फाइल फोटो

प्रधान न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश आर वी रवीन्द्रन की देखरेख में मामले की जांच होगी। पीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी को जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

साथ ही पीठ ने यह भी कहा कि वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी की रिपोर्ट, केरल पुलिस से मिली जानकारी और महिला से बातचीत करने के बाद विचार विमर्श करेगी और फिर कोई निष्कर्ष निकालेगी। सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त को केरल पुलिस को मामले की जांच का ब्यौरा एजेंसी के साथ साझाा करने का निर्देश दिया था।

यह मामला तब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जब केरल निवासी शफीन जहां ने केरल हाई कोर्ट द्वारा अपना विवाह रद्द किए जाने को चुनौती दी। हाई कोर्ट ने पुलिस को ऐसे मामलों की जांच करने के आदेश दिए थे। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इस मामले की जांच का जिम्मा एक तटस्थ एजेंसी के तौर पर NIA को सौंप रही है जो पूरी तस्वीर सामने लाएगी और यह पता लगाएगी कि क्या यह खास मामला एक छोटी जगह तक ही सीमित है या व्यापक रूप में है।

जहां ने पिछले साल दिसंबर में एक हिंदू महिला से विवाह किया था। केरल हाई कोर्ट ने उसका विवाह रद्द कर दिया। तब जहां ने यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है कि यह देश में महिलाओं की आजादी का अपमान है। गौरतलब है कि हिंदू महिला ने पहले इस्लाम धर्म ग्रहण किया और फिर जहां से विवाह किया था।

आरोप लगाया गया था महिला का चयन सीरिया में इस्लामिक स्टेट के मिशन के लिए किया गया और जहां तो केवल एक कठपुतली था। पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने जहां की अपील पर NIA और केरल सरकार से जवाब मांगा था। महिला के पिता अशोकन के एम ने आरोप लगाया था कि धर्मांतरण और इस्लामिक कट्टरपंथ के लिए पूरी तरह सुनियोजित एक व्यवस्था है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हाल ही में लव जिहाद के कुछ मामलों की जांच की थी, जिनमें महिलाओं को कथित तौर पर आईएसआईएस में शामिल होने के लिए सीरिया भेजा गया था। हाई कोर्ट ने विवाह रद्द करते हुए अपनी व्यवस्था में कहा था कि यह मामला लव जिहाद का है। साथ ही उसने राज्य पुलिस को ऐसे मामलों की जांच करने के लिए आदेश भी दिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here