मोदी सरकार के मंत्री ने कहा- यदि सरकार रोजगार पैदा करने में असफल रहती है तो भावी पीढ़ी उन्हें माफ नहीं करेगी

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रोजगार के मुददे पर विपक्ष ने हमेशा मोदी सरकार की आलोचना की है। नोटबंदी के बाद रोजगार के क्षेत्र में आई मंदी को देखते हुए सरकार के विरोधियों ने हमेशा पीएम मोदी पर निशाना साधा है लेकिन अब खुद मोदी सरकार में श्रममंत्री संतोष गंगवार का मानना है यदी सरकार रोजगार सृजन नहीं कर सकी तो देश की भावी पीढ़िया हमें माम नहीं करेगी।

मोदी सरकार
Photo Courtesy: Hindustan Times

PM मोदी के केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा, यदि रोजगार सृजन की दिशा में तुरंत आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढियां हमें माफ नहीं करेंगी।

उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है और प्रत्येक युवा को रोजगार चाहिए. कार्यक्रम में गंगवार ने कहा, यदी रोजगार सृजन की दिशा में तुरंत आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढियां हमें माफ नहीं करेंगी। गंगवार ने इस दौरान वीवी गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान के चार प्रकाशनों को भी जारी किया और संस्थान के मरम्मत के बाद नए तैयार किए गए सेमिनार ब्लॉक का भी उद्घाटन किया।

जबकि इससे पूर्व नीति आयोग ने बेहतर वेतन और उच्च उत्पादक रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा था कि देश के समक्ष बेरोजगारी के बजाए गंभीर अर्द्ध -बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है।

आपको बता दे कि देश में रोजगार विहीन वृद्धि के दावे के विपरीत राष्ट्रीय नमूना सर्वे कार्यालय(एनएसएसओ) के रोजगार-बेरोजगार सर्वे में बार-बार कहा जाता रहा है कि तीन दशक से अधिक समय से देश में बेरोजगारी की दर कम और स्थिर है। वर्ष 2017-18 से 2019-20 के तीन साल के कार्य एजेंडा में कहा गया है, ‘‘वास्तव में बेरोजगारी भारत के लिये कम महत्वपूर्ण समस्या है। इसके बजाए अधिक गंभीर समस्या गंभीर अर्द्ध-बेरोजगारी है।’’

इससे पूर्व  भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बेरोजगारी को लेकर कहा कि सबको नौकरी दे पाना संभव नहीं है। इसलिए हम स्कील इंडिया के जरिए लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि कौशल प्रशिक्षण से स्वरोजगार को बढ़ावा नहीं मिलेगा।

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