कॉमनवेल्थ गेम्स 2018: संजीता चानू ने भारत को दिलाया दूसरा गोल्ड, दीपक लाथर ने जीता ब्रॉन्ज

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भारत की वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के दूसरे दिन शुक्रवार (6 अप्रैल) को महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। संजीता ने 192 किलोग्राम उठाया और भारत्तोलन में भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं वेटलिफ्टिंग भारत के दीपक लाथर ने पुरुषों के 69 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।इससे पहले स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों के पहले दिन गुरूवार को महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में विश्व रिकार्ड प्रदर्शन के साथ कुल 196 किग्रा भार उठाकर भारत की झोली में इन खेलों का पहला स्वर्ण पदक डाला था।ऑस्ट्रेलियाई शहर में भारत की स्टार वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता है।

पिछले साल इसी गोल्ड कोस्ट में उन्होंने कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप्स में गोल्ड मेडल जीता था। मणिपुर की 24 वर्षीय इस खिलाड़ी ने स्नैच में 84 किलो और इसके बाद इसके बाद क्लीन ऐंड जर्क में 108 किलोग्राम भार उठाया। इस हिसाब से उन्होंने कुल दो प्रयासों में 192 किलोग्राम वजन उठाया।

मीराबाई चानू ने भारत को दिलाई पहली स्वर्णिम सफलता

बता दें कि पहले दिन भारत की मीराबाई चानू ने देश को पहला गोल्ड दिलाया था। महिला खिलाड़ी साइखोम मीराबाई चानू ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में गुरुवार (4 अप्रैल) को भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है। चानू ने खेलों के पहले दिन महिलाओं की 48 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में सोने का तमगा हासिल किया।

चानू ने स्नैच में 86 का स्कोर किया और क्लीन एंड जर्क में 110 स्कोर करते हुए कुल 196 स्कोर के साथ स्वर्ण अपने नाम किया। स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में चानू का यह व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने साथ ही दोनों में राष्ट्रमंडल खेल का रिकार्ड भी अपने नाम किया है। स्पर्धा का रजत पदक मौरिशस की मैरी हैनित्रा के नाम रहा।

भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शुरुआत से ही बाकी प्रतिद्वन्दियों पर अपना दबदबा बनाए रखा। कोई भी उनके दमखम के करीब भी नहीं फटक सका। मीराबाई ने स्नैच राउंड में पहले 81 किलो, फिर 84 किलो और उसके बाद आखिरी प्रयास में 86 किलो का भार उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड कायम किया।

इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में मीराबाई चानू ने पहली कोशिश की और 103 किलोग्राम उठाया। दूसरी बार उन्होंने अपने ही पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स के 103 के रिकॉर्ड को तोड़ कर 107 किलोग्राम उठाया। तीसरी बार मीराबाई ने 110 किलो उठा कर औरों से 13 किलोग्राम की बढ़त हासिल कर ली।

गुरुराजा ने जीता सिल्वर

वहीं भारोत्तोलान में ही गुरुराज ने इन खेलों का पहला पदक दिलाया था। वह पुरुषों की 56 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में रजत जीतने में सफल रहे थे। गुरुराज ने स्नैच में 111 का स्कोर किया तो वहीं क्लीन एंड जर्क में 138 का स्कोर किया। उन्होंने कुल 249 का स्कोर करते हुए पदक अपने नाम किया।इस स्पर्धा का स्वर्ण मलेशिया के मुहामेद इजहार अहमद हाजालवा के नाम रहा।

उन्होंने कुल 261 का स्कोर किया। उन्होंने स्नैच में 117 का स्कोर किया जो एक नया गेम रिकार्ड है। इस मामले में उन्होंने नई दिल्ली में 2010 में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में अपने हमवतन इब्राहिम द्वारा स्थापित किए रिकार्ड को ध्वस्त किया। क्लीन एंड जर्क में मलेशियाई खिलाड़ी ने 144 का स्कोर किया। स्पर्धा में कांसा श्रीलंका के चाटुरंगा लकमल के नाम रहा। उन्होंने स्नैच में 110 और क्लीन एंड जर्क में 134 का स्कोर किया। इजहार ने पिछले साल राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप में जीत हासिल की थी।

उन्होंने एक किलोग्राम से अपने उस स्कोर को बेहतर किया। फिजी के मैनुएली तुलो ने काफी मेहनत की, लेकिन वो सिर्फ चौथा स्थान हासिल कर सके। तुलो काफी समय तक पदक की दौड़ में थे लेकिन आखिरी के दो प्रयासों में वो सफलता हासिल नहीं कर सके और पदक से चूक गए।गुरुराज ने अच्छी शुरुआत की और पहले प्रयास में ही बढ़त ले ली। उन्होंने स्नैच में पहला प्रयास 107 किलोग्राम के किया जो सफल रहा।

तुलो ने दूसरे प्रयास में 108 किलोग्राम का भार उठाया, लेकिन उनके प्रयास में तकनीकी गलती के कारण ज्यूरी ने उसे नकार दिया। लकमल ने 110 किलोग्राम का पहला भार उठाया और सफलता हासिल की। इजहार ने हालांकि 114 किलोग्राम का भार उठाते हुए सफलता हासिल की। इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 117 किलोग्राम का भार उठाते हुए गेम रिकार्ड हासिल किया। उनके पास अपने इस रिकार्ड को और बेहतर करने का मौका था लेकिन 119 किलोग्राम के प्रयास में वह चूक गए।

 

 

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