VIDEO: राज्यसभा में बोले संजय राउत- अब देशप्रेमी केवल अर्नब गोस्वामी और कंगना रनौत, किसान देशद्रोही; शर्म आनी चाहिए आपको

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शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार (5 फरवरी) को संसद में एक उग्र भाषण देते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को अर्नब गोस्वामी और कंगना रनौत की रक्षा करने के लिए शर्म आनी चाहिए। राउत ने कहा कि हक के लिए लड़ने वाले किसानों को देशद्रोही और कंगना रनौत-अर्नब गोस्वामी को देशप्रेमी कहा जा रहा है। राउत ने कहा कि उन्हें दुख है कि रिपब्लिक टीवी के संस्थापक ने सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल किया, जो महाराष्ट्र से ही हैं।

संजय राउत

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान कह रहे थे कि सच सुना करो उससे मोक्ष की प्राप्ति होती है। हम तो छह साल से सच सुन रहे हैं और झूठ को भी सच मान रहे हैं। लेकिन आज जो देश में माहौल है उसमें जो सच बोलता है और जो सच लिखता है उसे ग़द्दार और देशद्रोही कहा जाने लगता है। जो सरकार से सवाल पूछेगा उस पर देशद्रोह का मुक़दमा लगा दिया जाएगा। हमारे सदन के साथी संजय सिंह पर देशद्रोह का मुक़दमा है। जाने-माने पत्रकार राजदीप सारदेसाई, जिसे सरकार ने पद्मश्री दिया है उस पर देशद्रोह का मुक़दमा लगा दिया है। शशि थरूर, जिन्होंने यूएन में भारत के लिए काम किया, उन पर भी देशद्रोह का मुक़दमा लगा दिया गया है। सिंघु बॉर्डर पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के साथ भी ऐसा ही किया गया है।”

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि कानून की किताब से आईपीसी की धाराएं खत्म करके, एक ही धारा कर दी गई है और वह है देशद्रोह की। घरेलू हिंसा के मामलों में भी देशद्रोह का मुकदमा ठोंक दिया जाता है।’’

संजय राउत ने आगे कहा, ”देश के पीएम का हम सम्मान करते है और करते रहेंगे। उनको प्रचंड बहुमत मिला है देश चलाने के लिए, हम इस बात को मानते हैं। लेकिन बहुमत अहंकार से नहीं चलाया जाता है, बहुमत बड़ा चंचल होता है। हमारे मराठी के संत तुकाराम ने कहा है कि जो आपका निंदक है उसे आसपास रहना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘निंदा करने वालों को आप बदनाम कर देते हैं। जैसे किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश चल रही है। यह देश की प्रतिष्ठा के लिए ठीक नहीं है, यह देश के किसानों के लिए और हम सब के लिए ठीक नहीं है।’’

गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर हुई घटना का उल्लेख करते हुए राउत ने आगे कहा, ”26 जनवरी को लाल किले पर हमारे तिरंगे का अपमान हुआ और हमारे प्रधानमंत्री दुखी हुए, पूरा देश दुखी हो गया। लेकिन लाल क़िले पर तिरंगे का अपमान करने वाला दीप सिद्धू कौन है? किसका आदमी है? इस बारे में क्यों नहीं बताया जाता? किसने उसे ताकत दी? अब तक वह पकड़ा नहीं गया। 200 के ज्यादा किसान इस प्रकरण में तिहाड़ जेल में बंद हैं और उनके ऊपर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है। 100 से ज्यादा युवा लापता हैं। कहां हैं, पुलिस ने उनका एनकाउंटर किया, क्या हुआ कुछ नहीं पता।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे देश में अभी देशप्रेमी केवल अर्नब गोस्वामी है, जिसकी वजह के एक निर्दोष आदमी को महाराष्ट्र में आत्महत्या करनी पड़ी। कंगना रनौत ये देशप्रेमी है। अर्नब गोस्वामी ने बालाकोट की जानकारी सबको पहले ही बता दी और उसे सरकार की सुरक्षा मिली हुई है। यही अर्नब गोस्वामी ने हमारे मंत्री प्रकाश जावडेकर के बारे में क्या नहीं लिखा है। प्रकाश के बारे में उसने जिस भाषा का इस्तेमाल किया है उस हम सबको शर्म आनी चाहिए।”

राउत ने कहा कि जब सिखों ने मुग़लों से लड़ाई की तो उन्हें देशभक्त कहा गया, अंग्रेज़ों से लड़ा तो देशभक्त कहा गया और अब अपने हक़ों के लिए लड़ रहे हैं तो उन्हें खालिस्तानी कहा जा रहा है।

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