संजय राउत ने कहा ‘हरामखोर लड़की’ तो कंगना रनौत ने दिया जवाब, अभिनेत्री दिया मिर्जा बोलीं- माफी मांगें शिवसेना नेता

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मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) से किए जाने के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और शिवसेना नेता संजय राउत के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। संजय राउत ने हाल में कंगना रनौत को ‘हरामखोर लड़की’ बोला था, जिसपर बॉलीवुड अभिनेत्री ने अपना जवाब भी दिया। अब अभिनेत्री दिया मिर्जा ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी है। दिया मिर्जा ने कहा कि ‘हरामखोर’ बोलने को लेकर संजय राउत को माफी मांगनी चाहिए।

कंगना रनौत

संजय राउत की भाषा पर सख्त नाराजगी जताते हुए दिया मिर्जा ने कंगना रनौत के सपोर्ट में लिखा, ‘संजय राउत के द्वारा शब्द ‘हरामखोर’ का इस्तेमाल किए जाने का मैं सख्त निंदा करती हूं। सर, आपको पूरा अधिकार है कि आप कंगना ने जो कुछ कहा उस पर नाराजगी जताएं लेकिन ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने के लिए आपको माफी मांगनी चाहिए।’

दिया के इस ट्वीट पर लोग अपने-अपने तरीके से रिएक्शन दे रहे हैं और कमेंट कर रहे हैं। कई यूजर्स ने जहां दिया की बात से सहमति जताई तो वहीं कइयों का कहना है कि संजय राउत को अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगनी चाहिए।

गौरतलब है कि, संजय राउत के विवादित बयान पर खुद कंगना रनौत ने भी पलटवार किया था। कंगना ने ट्वीट कर कहा, ‘2008 में मूवी माफिया ने मुझे एक साइको घोषित कर दिया था। इतना ही नहीं 2016 में उन्होंने मुझे एक चुड़ैल कहा और 2020 में महाराष्ट्र के मंत्री ने मुझे हरामखोर लड़की का खिताब दे दिया। इन सभी लोगों ने मेरे साथ ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैंने कहा था कि सुशांत की हत्या के बाद मैं मुंबई में असुरक्षित महसूस करती हूं। इस वक्त असहिष्णुता डिबेट के योद्धा कहां है?’

कंगना ने ये बात एक यूजर के ट्वीट के जवाब देते हुए लिखा। यूजर ने लिखा था, संजय राउत कह रहे हैं क‍ि कंगना की टीम ने श‍िवाजी महाराज के ख‍िलाफ कहा है। ये झूठ है। उन्होंने कभी भी महान श‍िवाजी के ख‍िलाफ कुछ नहीं कहा। एक महिला को सार्वजन‍िक रूप से ताकत में बैठे लोग गाली दे रहे हैं।

बता दें कि, इस बहस के बाद संजय राउत ने कंगना को मुंबई आने पर देख लेने की ‘धमकी’ दी थी। इसके जवाब में कंगना ने कहा है कि वह 9 सितंबर को मुंबई में आ रही हैं और जो उनका बिगाड़ना है बिगाड़ ले। अब देखना है कि संजय राउत अपने बयान पर कायम रहते हैं या अपनी अभद्र भाषा के लिए माफी मांगते हैं।

8 COMMENTS

  1. Using the word HARAMKHOR by anyone leave aside the spokesman for a lady is disgusting, no matter in any context. I don’t think anybody would like it. You being a man from ruling party must refrain from this kind of language. At the same time I would request the lady to kindly never ever bring the PAKI type words in her grivances cause, it’s an insult to not only the State but to every Indian. Hope both parties learn the lesson for future.

  2. Sanjay Raut ka baap ka mumbai hai kya.Aise ghatiya neta ko road me utar kar chappal se marna chahiye.Sala 3rd class,ghatiya aur worst character.Such politician should be thrown to mass for ………

  3. शाबाश कंगना!✊👊👍

    कंगना रानाउत ने सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत/हत्या को रफा दफा करने के मुंबई पुलिस के प्रयास पर जब सवाल उठाया तो शिवसेना नेता संजय राउत नें गैरजिम्मेदाराना बयान दे कर कंगना रनौत को मुंबई न आने को कहा। जिसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।

    कंगना रनौत का यह कथन कि मुंबई पीओके नहीं है, विल्कुल सही कथन है।

    शिवसेना और महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख द्वारा भी मुंबई में कंगना को रहने का हक नहीं है, यह कहना/बयान भी गैरजिम्मेदाराना है।

    भारत के सभी जागरूक नागरिकों को महाराष्ट्र सरकार और शिवसेना के अलगाववादी बयान की निंदा करनी चाहिए।

  4. Unparliamentary language in public is unacceptable.
    Sanjay Raut has to apologize.
    This is going too far. This state this Country belongs to all Indians.

    Jaihind.

  5. Its really shameful that a person politician is projecting him self as a negative role model for the country …… We will have to think twice before using our right to vote , if the level of politicians is degrading to this extent …… Sanjay Raut should mind his language , does he know the meaning of that foul word ……. Shame, shame to such person……….We never use that language while texting and he has publicly used the slag language

  6. This is 100% wrong comments on kangna. This is shameful too for a leader. And the action of BMC on kangna office will disgrace the value of shiv sena & ally in Maharashtra politics

  7. Iliterate politician,How can they use good language.. they do not have any ethical values to talk with good people.. Shame on these absurd politicians.

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