कांग्रेस से निलंबन पर बोले संजय झा- मेरी वफादारी किसी एक व्यक्ति के प्रति नहीं, बल्कि कांग्रेस की विचारधारा के प्रति है

0

कांग्रेस विरोधी पार्टी गतिविधियों के लिए पार्टी से निलंबित किए गए संजय झा ने बुधवार (15 जुलाई) को कहा कि वह पार्टी की विचारधारा के प्रति वफादार हैं, लेकिन उनकी ‘‘वफादारी किसी व्यक्ति या परिवार के प्रति’’ नहीं है।

संजय झा

कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट संबंधी मामले से निपटने के तरीके को लेकर पार्टी की आलोचना करने वाले संजय झा ने कहा कि वह गांधीवाद-नेहरूवाद विचारधारा में यकीन रखने वाले व्यक्ति हैं और यह विचारधारा अब कांग्रेस से लुप्त हो रही है। उद्योगपति से नेता बने झा ने कहा कि वह पार्टी के पुनरुत्थान के लिए आवश्यक मामलों को उठाना जारी रखेंगे और यह लड़ाई अभी शुरु ही हुई है।

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने एक दिन पहले एक बयान में कहा था कि झा को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासन के उल्लंघन के कारण पार्टी से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। थोराट के बयान के एक दिन बाद झा ने बुधवार को कहा, ‘‘मेरी वफादारी कांग्रेस की विचारधारा के प्रति है। मेरी वफादारी किसी एक व्यक्ति या परिवार के प्रति नहीं है। मैं गांधीवादी-नेहरूवादी हूं (यह विचारधारा अब कांग्रेस से लुप्त होती जा रही है)। मैं उन मामलों को उठाना जारी रखूंगा, जो मेरी पार्टी के पुनरुत्थान के लिए आवश्यक हैं। लड़ाई अभी शुरू हुई है।’’

झा ने अपने निलंबन को लेकर मंगलवार को प्रश्न किया था कि उन्होंने कौन सी ‘‘पार्टी विरोधी गतिविधियां’’ की हैं, जिनके कारण कांग्रेस ने उनके खिलाफ यह कदम उठाया?

बता दें कि, इससे पहले संजय झा ने एक समाचारपत्र में एक लेख लिखा था जिसमें उन्होंने देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी की आलोचना की थी। इसके कुछ दिन बाद उन्हें कांग्रेस से निलंबित किया गया है। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बाला साहेब थोराट ने एक बयान में कहा, ‘‘झा को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।’’ अंग्रेजी दैनिक में पिछले महीने लेख सामने आने के तुरंत बाद कांग्रेस ने झा को पार्टी प्रवक्ता के पद से हटा दिया था। (इंपुट: भाषा के साथ)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here