मायावती के जाते ही सहारनपुर में फिर भड़की हिंसा, एक को गोली मारी, हालात तनावपूर्ण

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जातीय हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है। बहुजन समाज पार्टी(बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार(23 मई) को सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव का दौरा किया, इसी गांव में पिछले दिनों दलित समाज के लोगों के घर जलाए गए थे। इस दौरान मायावती ने यूपी की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है।

Saharanpur
फाइल फोटो।

हालांकि, सहारनपुर में बसपा सुप्रीमो के निकलते ही फिर से बवाल हो गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मायावती के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों पर चांदपुर में हमला हो गया। इस दौरान एक व्यक्ति को गोली मार दी गई, जबकि दो लोगों को धारदार हथियार से हमला कर जख्मी कर दिया गया।

अज्ञात लोगों ने तलवार से हमला कर पांच दलितों को घायल कर दिया। दो पक्षों के बीच हुई तलवारबाजी में घायल दो दलितों की गंभीर बनी है। रिपोर्ट के मुताबिक, मायावती के शब्बीरपुर पहुंचने से पहले ही कुछ दलितों ने ठाकुरों के घर पर पथराव करने के बाद आगजनी की थी। वहीं, मायावती के जाते ही ठाकुरों ने दलितों के घरों पर कथित तौर पर हमला बोल दिया।

जिसके बाद शब्बीरपुर के अलावा उससे सटे गांव चंद्रपुरा में भी दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच गोली-बारी भी हुई। इस घटना के बाद दोनों गांवों में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं और इलाके को एक बार फिर हाई अलर्ट कर दिया गया है।

इससे पहले मायावती ने शब्बीरपुर गांव पहुंची, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान मायावती ने दलितों के घर जले देखें तो बहुत दुख जताया। इस दौरान मायावती ने सीधे तौर पर बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि सहारनपुर में बवाल बीजेपी ने ही कराया है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर गांव में महाराजा प्रताप जयंती के अवसर पर डीजे बजाने को लेकर ठाकुरों(राजपूत) और दलित समाज में 5 मई को बड़ा संघर्ष हुआ। दलितों ने कथित तौर पर गांव से शोभायात्रा निकालने का विरोध किया और शोभायात्रा पर पथराव कर दिया। इस दौरान एक राजपूत युवक की मौत हो गई।

शोभायात्रा पर पथराव की सूचना आसपास के गांवों के ठाकुर समाज के लोग भी वहां पहुंच गए। दोनों ओर से पथराव के साथ-साथ फायरिंग और तोड़फोड़ शुरू हो गई। इसके बाद शब्बीरपुल गांव के दलितों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई।

इस दौरान दलितों के 60 से ज्यादा मकान जला दिए गए थे और कई वाहन फूंक दिए थे। इसके बाद दलितों की भीम आर्मी की तरफ से इस घटना का विरोध किया गया था। जिसके बाद एक बार फिर पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए 9 मई को सहारनपुर में इकट्ठा हुए दलितों का पुलिस से संघर्ष हो गया था।इस दौरान सहारनपुर में नौ जगहों पर हिंसा हुई। दुकान और वाहनों में आग लगी दी गई। इस मामले में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर को नामजद किया गया। जिसके विरोध में 21 मई को हजारों दलितों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।

 

 

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