सईद साहब, बहुत खटकेगा आपका यूँ हम सब को छोड़ कर चले जाना

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इरशाद अली 
सईद ज़ाफरी भारतीय सिनेमा के उन बेहतरीन अदाकारों में से एक थे जिनके साथ काम करने का ख्याल दिग्गज निर्देशक रखते थे। सईद साहब की अदाकारी बेहद तसल्लीबक्श होती थी। वो एक ठहराव के साथ अपने किरदार में जान फूंकने का काम करते थे इसलिये उनके साथी कलाकार को भी बहुत सोच-समझकर उनके साथ अभिनय करना पड़ता था।
सत्यजीत रे की शंतरज के खिलाड़ी में संजीव कुमार के साथ उनकी जुगलबंदी हो या मासूम में नसीरूद्दीन शाह के साथ उनका किरदार। वे किसी के भी सामने कभी कमतर नज़र नहीं आए।
कमर्शियल सिनेमा के विपरित आर्ट फिल्मों की एक अहम जरूरत रहे हैं सईद ज़ाफरी और अपने दौर के बेहतरीन कलाकारों के साथ भारतीय सिनेमा में बहुत सारी फिल्में सईद साहब ने की। स्मिता पाटील, शबाना आज़मी, ओमपुरी, अमूल पालेकर,  जैसे दिग्गज कलाकारों के बीच सईद ज़ाफरी की अपनी एक अलग पहचान थी।
वह किसी भी किरदार की एक अहम जरूरत के रूप में अपने पात्र को उभारते थे ना कि आजकल की तरह जबरन ठूंसा हुआ कोई भी पात्र। सईद साहब के अभिनय को देखकर आज के युवा कलाकार बहुत कुछ सीख सकते है।
भारत के बेहतरीन फिल्म निर्देशकों की पहली पसंद सईद जाफरी थे। चाहे वो गोविन्द निहलानी हो, श्याम बेनेगल हो, सत्यजीत रे हो या दूसरे बड़े निर्देशक। वे सब जानते थे कि सईद ज़ाफरी की अभिनय क्षमता क्या है। सईद जाफरी का ताल्लुुक पंजाब से रहा। 8 जनवरी 1929 को सईद साहब का जन्म वहीं हुआ। आप न केवल एक अच्छे कलाकार थे बल्कि बेहद पढ़े लिखे हुए इंसान भी थे।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से अपनी तालीम हासिल की। एक और विशेष बात हमेशा सईद साहब से जोड़कर देखी जाती है कि वे अपने समय के उन कलाकारों में से रहे जिन्होने बहुत पहले ही हालीवुड में दस्तक दे दी थी। आज भारतीय सिनेमा के कलाकारों का हालीवुड में काम करना बेहद आसान है लेकिन ये तब नहीं था
केवल कुछ ही सौभाग्यशाली लोग थे हालीवुड के लिये काम करते थे। अपनी उम्र के बाद के दिनों में सईद साहब ने पैसे की खातिर छोटे रोल वाली कमर्शियल फिल्में भी की जिनमें उनकी उपस्थिति ना होने के बराबर ही होती थी।
सईद साहब पिछले कई सालों से लंदन में रह रहे थे, वहाँ रहकर उन्हों ने बहुत सारी स्क्रिप्ट नही लिखीं । बीबीसी रेडियो के एक ड्रामा सिल्वर स्ट्रीट में उन्होंने बहुत ही अहम भूमिका निभायी ।
सईद ज़ाफरी का अचानक से यूं चले जाना भारतीय सिनेमा की एक बड़ी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकेगी।

 

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