प्रद्युम्न मर्डर केस: हत्या से नाराज लोगों ने रयान स्कूल के पास स्थित शराब की दुकान को किया आग के हवाले

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गुरुग्राम के भोंडसी स्थित रयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्न की बेरहमी से गला काटकर हत्या की घटना से पूरा देश स्तब्ध है। इस हत्या से नाराज लोगों ने रविवार को भी स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान अभिभावकों द्वारा स्कूल की कई खिड़कियां तोड़ दी गईं।साथ ही स्कूल के नजदीक मौजूद एक शराब की दुकान को आग के हवाले कर दिया है। लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोपी की गिरफ्तारी, स्कूल की प्रिंसिपल के निलंबन और सात दिन में चार्जशीट दायर करने के पुलिस के बयान से भी अभिभावक बिल्कुल संतुष्ट दिखाई नहीं दे रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

क्या है मामला?

दरअसल, गुरुग्राम स्थित रयान इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार(8 सितंबर) सुबह दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न के साथ कुकर्म की नाकाम कोशिश के बाद उसकी गला रेतकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया। पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में बस कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में कंडक्टर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

गुड़गांव के पुलिस आयुक्त संदीप खीरवार ने दावा किया कि इस जघन्य अपराध में, गिरफ्तार किए गए स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार की संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने बताया कि अशोक कुमार यौन उत्पीड़न करने के इरादे से शौचालय के अंदर किसी छात्र के आने का इंतजार कर रहा था। पीड़ित बच्चा शौचालय में गया। उसने कुमार की हरकत का विरोध किया, जिसके बाद कुमार ने उसकी हत्या कर दी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी कुमार ने कहा कि वह डर गया था और यह सोच कर उसने बच्चे को मार डाला कि कहीं वह स्कूल के प्रबंधन को अपराध के बारे में न बता दे। वह चाकू को शौचालय में ही छोड़ गया। वहां से जाने से पहले उसने हाथ भी धोए। यह सुनियोजित तरीके से किया गया अपराध था। प्रद्युम्न बिहार के मधुबनी जिले के बड़ा गांव का रहने वाला था।

सात दिन में दाखिल होगा आरोपपत्र

पुलिस ने बच्चे की निर्मम हत्या के मामले में जांच पूरी कर सात दिन के अंदर आरोपपत्र दाखिल करने का वादा किया है।जिला प्रशासन ने यह जांच करने के लिए तीन सदस्यीय एक पैनल बनाया है कि क्या कहीं स्कूल ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन तो नहीं किया था।

इस बीच, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों की सुरक्षा की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। वहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भी मामले में जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया और स्कूल प्रबंधन से दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी।

 

 

 

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