एमपी: RSS कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार मर्डर केस में नया मोड़, मृतक खुद निकला हत्यारा, बीमा के 20 लाख रुपए हड़पने और कर्ज से बचने के लिए अपने ही पूर्व नौकर की नृशंस हत्या कर जला दिया था चेहरा

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पिछले दिनों 23 जनवरी को खबर आई थी कि मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र के ग्राम कमेड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला घोष प्रमुख संजय पाटीदार के 38 वर्षीय भाई हिम्मत पाटीदार की कथित रूप से गला रेतकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उनका शव एक खेत में पड़ा मिला है। हत्यारों ने वारदात के बाद कथित रूप से उनकी पहचान छिपाने के लिए उनका चेहरा भी जलाने की कोशिश की थी।

प्रेस कॉन्फेंस के दौरान एसपी गौरव तिवारी

लेकिन अब इस हत्याकांड में एक नया मोड़ आ गया है। रतलाम पुलिस की जांच और डीएनए रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस आरएसएस कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार को लोग मरा हुआ समझ रही थे दरअसल, वही अब हत्यारा निकला है। पुलिस के अनुसार, हिम्मत ने पूरी प्लानिंग के साथ खुद की नृशंस हत्याकांड को अंजाम दिया।

मृतक खुद निकला हत्यारा

दरअसल, यह पूरा मामला 23 जनवरी का है। कमेड़ गांव में 23 जनवरी को आरएसएस कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार की हत्या होना बताया गया था, लेकिन अब पुलिस जांच में वह आरएसएस कार्यकर्ता नहीं निकला है। डीएनए रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या आरएसएस कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार की नहीं, बल्कि उसके पूर्व नौकर मदन मालवीय नाम के शख्स की हुई थी। पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराया तो शव मदन नाम के शख्स के होने की पुष्टी हुई है। अब पुलिस यह मानकर चल रही है कि हत्या आरएसएस कार्यकर्ता हिम्मत ने की है और पहचान छिपाने के लिए उसने मदन को अपने कपड़े पहनाकर उसका चेहरा जला दिया था।

हत्यारें ने खुद की हत्या की साजिश बीमे के हड़पने और बाजार से लिया कर्ज न चुकाने की नीयत से की है। पुलिस अब इस पहलू पर जांच कर रही है। हिम्मत ने दिसंबर 2018 में अपना बीमा करवाया था। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हिम्मत ने स्टेट बैंक से करीब 20 लाख रुपए की बीमा लिया था जिसकी नॉमिनी उसकी पत्नी थी। हिम्मत लेन-देन का काम करता था, और लंबे समय से काफी कर्ज में डूबा हुआ था। कर्जे चुकाने से बचने और बीमे की राशि हड़पने के लिए उसने पूरी साजिश रची थी। पुलिस जांच के दौरान हिम्मत की डायरी में उस पर काफी उधारी का जिक्र पाया गया है।

हिम्मत के ही खेत में मजदूरी करता था मदन

एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया है कि ग्राम कमेड का ही मदन मालवीय नाम का व्यक्ति जो करीब दो वर्ष पूर्व हिम्मत पाटीदार के खेत में मजदूरी का काम करता था। मदन भी 22 जनवरी की रात 09:30 बजे से अपने घर से खेत का बोलकर निकला था, जो अभी तक अपने घर नही पहुंचा है। उक्त तथ्य को गंभीरता से लेते हूए मदन जिस खेत पर काम करता था उस खेत पर जाकर देखने पर पाया गया कि उसके द्वारा खेत पर पानी पिलाने हेतु मोटर चालू की गई थी, किन्तु मोटर बंद नहीं की गई।

एसपी के मुताबिक, जिसके बाद घटनास्थल के आसपास, मदन के खेत के आसपास, मदन के घर के रास्ते के आसपास एवं हिम्मत पाटीदार के घर के रास्ते के आसपास सूक्ष्मता से सर्चिंग कराई गई, जिसमे कई अहम सुराग मिले। घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर रोड़ किनारे कपड़े एवं एक जोड़ी जूते मिले जिनमे गीली मिट्टी लगी थी भी बरामद किए गए।  जूतो एवं कपड़ो की शिनाख्त मदन के पिता से कराई जाने पर मदन के पिता ने जूतो का मदन का होना स्वीकारा। हिम्मत की मोटर सायकल के फूट रेस्ट पर लगी मिट्टी एवं मदन के जूतो पर लगी मिट्टी का भौतिक मिलान होना पाया गया।

पुलिस जांच में ऐसे हुआ खुलासा 

एसपी गौरव तिवारी के अनुसार, विवेचना के दौरान पाया गया कि मृतक द्वारा दिनांक 23 जनवरी को रात्रि लगभग 4:30 बजे तक मोबाईल का लगातार उपयोग किया गया था, परंतु मृतक से बरामद मोबाईल की जांच सायबर सेल से कराने पर मृतक के मोबाईल से कॉल रिकार्ड, मैसेजेस, वाट्सएप्प मैसेज व गैलेरी से फोटो, वीडियो डिलीट होना पाई गई। इसी के साथ मृतक के खेत पर मृतक द्वारा मोटर चालू करना नही पाया गया, यद्यपि रात 01:30 बजे मृतक को गांव के ही रमेश राठौर द्वारा अपनी मोटरसायकल पर देखा गया था।

इन सब तथ्यो से टीम के सामने कई अनसुलझे सवाल थे, जैसे-

  • मृतक के जैकेट व पेन्ट की चैन खुली कैसे थी?
  • मृतक के शरीर पर अन्य कोई स्ट्रगल मार्क नही होना?
  • मृतक का सिर्फ चेहरा जलाया जाना?
  • पॉकेट डायरी मे सिर्फ उन्ही तथ्यो का खुलासा करना, जिनका फायदा मृतक के परिवार को मिले जैसे बीमा, एटीएम पिन एवं एफडी.?
  • मृतक के मोबाईल फोन से वाट्सएप्प मैसेज, कॉल रिकार्डिंग, गैलेरी मे से फोटो, वीडियो, हिस्ट्री इत्यादि डिलीट करना जबकि रात भर मोबाईल पर इंटरनेट का उपयोग किया गया हो?
  • संदिग्ध का घटनास्थल के आसपास पहचान छुपाते हूए अपना सामान जैसे जूते, कपड़े छोड़ के जाना?
  • हिम्मत द्वारा रात्रि मे खेत पर जाना, जिसका चश्मदीद्‌ रमेश राठौर है, परंतु हिम्मत का अपने खेत पर पम्प न चालु करना ?

चेहरा जलाकर की गई नृशंस हत्या

एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि शव पंचनामा कर मृतक के शव को सिविल अस्पताल, रतलाम भेजकर पी.एम. कराया गया व पी.एम. के दौरान मृतक के कपड़े, जुते व अंडरवियर पी.एम.कर्ता डॉक्टर द्वारा प्रिजर्व कर शीलबंद किए गए। पी.एम. रिपोर्ट मे आये तथ्यो का विश्लेषण करने पर ज्ञात हुआ कि मृतक की मृत्यु पहले गला घोटने से मूर्छित होने पर किसी धारदार हथियार से गर्दन पर चार बार वार करने घास से चेहरा जलाकर नृशंस हत्या की गई।

इन अनसुलझें सवालो के जवाब हेतू पुलिस टीम द्वारा पून: मौका मुआयना किया गया एवं रात्रि काल मे सीन ऑफ क्राइम को रिक्रिएट करने का प्रयास किया गया । मृतक की शरीर की सुक्ष्मता से जांच फोटो एवं वीडियो के माध्यम से की गई एवं मृतक एवं संदेही के परिवारजनो से पृथक पृथक कराई गई।

जिसमे मदन के परिवारजनो द्वारा मृतक के अण्डरवियर मदन के होने की पुष्टि की गई। उक्त तथ्यों एवं घटनास्थल से प्राप्त महत्वपूर्ण साक्ष्यो का अवलोकन व विश्लेषण करने पर पाया गया कि मृतक हिम्मत पाटीदार न होकर संदिग्ध मदन का शव हो सकता है।

डीएनए रिपोर्ट में पूर्व नौकर के शव होने का हुआ खुलासा

एसपी गौरव तिवारी के अनुसार उनि. कैलाश मालवीय द्वारा अपनी दक्षता का परिचय देते हुए पूर्व मे ही मृतक के कपड़े, बोन, नाखून एवं बालो को प्रिजर्व करने हेतु पी.एम.कर्ता डॉक्टर को लेख किया था। इस प्रकार के साक्ष्य आने पर मृतक की पहचान सुनिष्चित करने हेतु सिविल अस्पताल, रतलाम मे डॉक्टर द्वारा पी.एम. के दौरान प्रिजर्व किये गये मृतक के कपड़े, स्टरनम बोन, नाखून व बाल एवं मृतक के माता पिता व संदिग्ध के माता पिता का ब्लड सेंपल लेकर 24 जनवरी की रात्रि मे ही डीएनए. टेस्ट हेतु एफएसएल. सागर भेजा गया। जो कि डी.एन.ए. प्रोफाईलिंग के परिणाम 48 से 72 घंटे मे प्राप्त करते हूए पुलिस की शंका सही निकली और डी.एन.ए. टेस्ट के परीक्षण से मृतक हिम्मत पाटीदार न होकर संदिग्ध मदन मालवीय निवासी कमेड का शव होने की पुष्टि हुई है। मदन भी लगभग हिम्मत पाटीदार की उम्र व कद-काठी का था।

उधारी और बीमा के रुपए हड़पने के लिए की हत्या

एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि गठित टीमो द्वारा पतारसी के दौरान पाया गया कि मृतक मदन मालवीय, हिम्मत पाटीदार के खेत पर पहले मजदुरी का काम करता था। हिम्मत पाटीदार द्वारा माह दिसम्बर 2018 मे अपना बीमा कराया गया था। हिम्मत की डायरी मे हिम्मत पर काफी उधारी का लेख होना जांच मे पाया गया। प्रथमदृष्टया घटना के अवलोकन से हिम्मत पाटीदार द्वारा अपनी उधारी का रूपये चुकाने हेतु पहले अपना बीमा करवाया गया बाद उक्त घटनाकम को सुनियोजित तरीके से रचा गया, ताकि हिम्मत की मृत्यु की पुष्टि होने पर उसके द्वारा कराये गये बीमे की राशि परिवार वालो को मिल सके।

एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि हिम्मत पाटीदार की पतारसी के हरसंभव प्रयास किये जा रहे है। हिम्मत पाटीदार के मिलने पर उक्त घटना के सम्बंध मे और भी कई तथ्यो के खुलासे होने की संभावना है। आरोपी की सूचना देने वाले को पुलिस अधीक्षक, रतलाम द्वारा दस हजार रूपये की ईनाम की घोषणा की गई है एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए चिन्हित जघन्य व सनसनीखेज श्रैणी मे रखा गया है।

 

 

 

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