अलवर हत्याकांड: RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले- ‘लोग बीफ खाना बंद कर दें तो रुक जाएंगी मॉब लिंचिंग की घटनाएं’

0

राजस्थान के अलवर में पहलू खान के बाद अब अकबर खान उर्फ रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट राजस्थान सरकार के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के लिये सोमवार (23 जुलाई) को सहमत हो गया। इस याचिका पर 28 अगस्त को सुनवाई होगी। बता दें कि इस मामले में पुलिस की घोर अमानवीयता सामने आई है।

इस बीच अलवर हत्याकांड को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता इंद्रेश कुमार ने विवादित बयान दे दिया है।इंद्रेश कुमार ने कहा है कि यदि लोग बीफ खाना बंद कर दें तो मॉब लिंचिंग की घटनाएं रुक जाएंगी। संघ नेता ने ऐसी समस्या से निपटने के लिए संस्कार और मूल्यों की भूमिका को भी रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग का स्वागत नहीं किया जा सकता है लेकिन लोग गाय का मीट खाना बंद कर दें तो इस तरह के अपराधों पर लगाम लग जाएगी।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक मुस्लिमों के बीच काम काम करने वाले आरएसएस के संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने सोमवार (23 जुलाई) को कहा, ‘किसी भी मॉब (भीड़) की हिंसा, वो आपके घर की, मोहल्ले की, जाति की, पार्टी की हो, वो कभी भी अभिनंदनीय नहीं हो सकती। परंतु, दुनिया के जितने भी धर्म है, उनके किसी एक धर्म स्थल पर बता दो की गाय का वध होता है।’

आरएसएस नेता ने आगे कहा, ‘जीसस धरती पर गौशाला में आए, इसलिए वहां गाय को माता बोलते हैं। मक्का-मदीना में गाय का वध अपराध मानते हैं। क्या हम संकल्प नहीं कर सकते की धारा, मानवता को इस पाप से मुक्त कराएं। अगर मुक्त हो जाए तो आपकी समस्या यानि (मॉब लिंचिंग) का हल हो जाएगा।’

मालूम हो कि राजस्थान के अलवर में रकबर खान की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इसमें अब पुलिस की भूमिका को भी संदिग्ध माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस पीड़ित अकबर खान को घायल हालत में अस्पताल ले जाने से पहले घंटों तक घुमाती रही। इतना ही नहीं पुलिस ने घायल अकबर को पीटा भी था।

इतना ही नहीं पुलिस ने गंभीर रूप से घायल खान को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पहुंचाने से पहले घटनास्‍थल से बरामद दो गायों को गोशाला पहुंचाने को प्राथमिकता दी। रिपोर्ट के मुताबिक अगर अकबर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

बता दें कि राजस्थान के अलवर जिले में 21 जुलाई को गाय की तस्करी करने के संदेह में कुछ व्यक्तियों के समूह ने रकबर खान की कथित रूप से पीट पीट कर हत्या कर दी थी। यह घटना अलवर में ही करीब सवा साल पहले डेयरी किसान पहलू खां की स्वयंभू गौ रक्षकों द्वारा पीट पीट कर हत्या किये जाने की घटना के बाद हुई है।

इस घटना के वक्त एक अप्रैल, 2017 को पहलू खां मवेशी को हरियणा स्थित अपने गांव ले जा रहा था। पहलू खां की दो दिन बाद मृत्यु हो गयी थी। पिछले एक साल से अधिक समय से राजस्थान के अलवर शहर में इस तरह के हमले की अनेक घटनायें हुयीं हैं जिनमें स्वयंभू गौ रक्षकों ने गायों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा रहे लोगों को अपना निशाना बनाया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here