अयोध्या विवाद: RSS ने सुप्रीम कोर्ट के आश्चर्यजनक रुख पर जताई नाखुशी, कहा- हिंदुओं की लगातार उपेक्षा हो रही है

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सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामला शुक्रवार (8 मार्च) को मध्यस्थता के लिए भेज दिया। न्यायालय ने शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला को मध्यस्थता के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि पैनल के अन्य सदस्यों में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट

लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कहा है कि देश में हिंदुओं की लगातार उपेक्षा हो रही है और कोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर आश्चर्यजनक रुख अपनाया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आरएसएस ने नाखुशी जताई है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार आरएसएस ने कहा कि राम-जन्मभूमि मामले में लंबे समय से चले आ रहे विवाद को समाप्त करने के लिए न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के बजाय सुप्रीम कोर्ट ने एक आश्चर्यजनक रुख अपनाया है।

हिंदुत्व संगठन ने यह भी कहा कि भारत में हिंदुओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। इंडिया टुडे ने आरएसएस के हवाले से लिखा, ‘हम अनुभव कर रहे हैं कि हिंदुओं की लगातार उपेक्षा हो रही है। न्यायिक प्रणाली में पूरा सम्मान करते हुए, हम सशक्त रूप से कहना चाहेंगे कि विवाद पर निर्णय शीघ्रता से होना चाहिए और भव्य मंदिर निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करना चाहिए।’

सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आरएसएस ने कहा कि कोर्ट ने यह निर्णय विभिन्न महिलाओं के मतों पर विचार किए बिना लिया। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद केरल सरकार हिंदुओं की आस्था पर ज्यादती कर रही है। केरल सरकार ने न्यायालय की भावना के विपरीत काम किया है और गैर-हिंदू और गैर-भक्त महिलाओं के जबरन प्रवेश की सुविधा देकर हिंदू समाज के प्रति अनुचित जल्दबाजी और राजनीतिक दुर्भावना दिखाई।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामला शुक्रवार को मध्यस्थता के लिए भेज दिया। न्यायालय ने शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला को मध्यस्थता के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि पैनल के अन्य सदस्यों में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू भी शामिल हैं। बता दें कि श्री श्री ने इस विवाद के निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट के सुझाव का समर्थन किया था।

 

 

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