कट्टरपंथी संगठनों की अपील के बाद मुस्लिम मजदूर की हत्या करने वाले शंभूलाल को 516 लोगों ने भेजे 3 लाख रुपये

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राजस्थान के राजसमंद में गरीब मुस्लिम मजदूर की कट्टरवादी विचारधारा के चलते हत्या करने वाले शंभूलाल को कट्टरपंथी संगठनों ने अब एक नायक बना दिया है। सोशल मीडिया पर शंभूलाल के जयकारें लगाए जा रहे है। इसके अलावा वाट्सऐप गु्रप में शंभूलाल का गुणगान किया जा रहा है। यह ऐसा वाट्सऐप गु्रप है जिसके सदस्य बीजेपी सांसद और विधायक तक है।

हत्या के बाद गरीब मजदूर को जिंदा जलाने वाले शंभूलाल को बचाने की मुहिम शुरू की गई जिसके लिए लोगों से बढ़चढ़ हिस्सा मांगा गया और पैसे भेजने की बात कहीं गई थी। इसके लिए बाकयदा शंभूलाल की बीवी का बैंक अकाउंट नम्बर भी लोगों को बांटा जा रहा था। इस हत्या को एक प्रयोग की तरह से बताया गया था जिसके बाद लोगों ने शंभूलाल की बीवी की कुछ दिनों में ही लाखों रूपये की मदद कर दी और लाखों रुपये भेजने शुरू कर दिए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शंभूलाल के समर्थन में 516 लोगों ने भारी मात्रा में रुपये दान किये और जिस अकाउंट में यह रुपये जमा किये जा रहे थे वह शंभूलाल की पत्नी सीता के नाम से चलाया जा रहा था। पुलिस ने दो व्यापारियों को भी गिरफ्तार किया था जिन्होंने अपनी डोनेशन स्लिप को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति करने वालों को इस तरह से अच्छे परिणाम मिलते दिख रहे है। लोगों को बांटकर हत्या कराने का चलन अब एक आम बात हो गया है। गाय के नाम पर या दूसरें कारणों को वजह बताकर मौके पर ही मुस्लिम वर्ग विशेष को निशाना बनाकर मौत के घाट उतार देने पर अभी तक गृह मंत्रालय ने चुप्पी बना रखी है।

एक हत्यारा नायक बना दिया जाता है और उसके समर्थन में लोग जमा होने लगते है क्योंकि वह खुलेआम चेतावनी देकर मुसलमानों को मारने का उदाहरण पेश करता है। जब से राजसमंद की घटना हुई है, कुछ लोग राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए लगातार मुस्लिमों के खिलाफ नारे लिख रहे हैं और शंभूलाल का समर्थन कर रहे हैं।

हालांकि पुलिस कह रही है कि शंभूलाल की पत्नी के बैंक अकाउंट में पैसा डालने वाले हर शख्स के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि सोशल मीडिया पर शंभूलाल की पत्नी का बैंक अकाउंट वायरल करके पैसों की मदद मांगी जा रही है। उदयपुर रेंज के आईजी आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि हमने रेगर के समर्थन में चल रहे बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया है, इस अकाउंट में तीन लाख रुपये जमा किये गए थे। हम जांच करेंगे कि इस अकाउंट में किन लोगों ने पैसा जमा किया था।

मामले की जांच में ये सामने आया है कि रेगर की पत्नी के अकाउंट में पैसे ज्यादातर इंटरनेट बैंकिंग के जरिए किये गए हैं जिसके चलते पुलिस ने उदयपुर जिला के पड़ोसी राज्यों में धारा 144 लगा दी है और इंटरनेट सर्विस को सस्पेंड कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ हिंदुत्व संगठन गुरुवार को आरोपी शंभू लाल रेगर के समर्थन में उतरकर एक रैली का आयोजन कर रहे हैं जिसके चलते पुलिस ने ऐसा कदम उठाया है।

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