पुलिस एस्कार्ट नहीं मिलने से नाराज धरने पर बैठे पीएम मोदी के भाई, रॉबर्ट वाड्रा ने प्रधानमंत्री पर कसा तंज

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई प्रहलाद मोदी मंगलवार को पुलिस द्वारा एस्कार्ट मुहैया नहीं कराए जाने से नाराज होकर जयपुर के बगरू थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इस घटना के एक दिन बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला किया और तंज कसा कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।

रॉबर्ट वाड्रा

रॉबर्ट वाड्रा ने बुधवार को अपने फेसबुक पोस्ट में पीएम मोदी पर हमला करते हुए लिखा, “जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते यही बात हमारे प्रधानमंत्री पर भी लागू होनी चाहिए जो आए दिन दूसरों पर महत्वपूर्ण होने का तंज कसते रहते हैं। क्या यही अच्छे दिन है जो उनके भाई स्वयं अपने आप को एस्कॉर्ट गाड़ी दिलाने के लिए धरने पर बैठे हैं? मेरी सुरक्षा आधी कर दी गई जबकि मुझे हर तरफ से खतरा बताया जाता था।”

उन्होंने आगे लिखा, “मुझे वह समय भी याद है जब मेरी मां की सुरक्षा में दिए गए दो सुरक्षाकर्मी भी बिल्कुल हटा लिए गए, जबकि उनके घर के बाहर लोगों का तांता लगा रहता है जो किसी न किसी कारणवश मिलना चाहते हैं, और वह किसी भी प्रकार के लोग हो सकते हैं, पर हमने सम्मान पूर्वक सरकार के इस फैसले को माना।”

वाड्रा ने आगे लिखा, “आज प्रधानमंत्री जी के भाई इस बात पर धरने पर बैठे हैं के उन्हें एस्कॉर्ट गाड़ी चाहिए। यह कितना उचित है? क्या यह नामदार है या कामदार? प्रधानमंत्री जी इन्हीं अच्छे दिनों की चर्चा किया करते थे? क्या आज प्रधानमंत्री जी नहीं कहेंगे बहुत हुआ?”

गौरतलब है कि, प्रहलाद मोदी मंगलवार रात जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बगरू पुलिस थाने के सामने धरने पर बैठे। उनका कहना था कि पुलिस उन्हें एस्कार्ट नहीं दे रही। हालांकि, लगभग एक घंटे बाद वह अपनी यात्रा पर आगे रवाना हो गए।

समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर के पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव ने बताया, ‘‘मोदी सड़क मार्ग से जयपुर आ रहे थे। वे एस्कार्ट की मांग कर रहे थे जिसके लिए वह पात्र नहीं हैं। हमारे पास उनको दो पीएसओ उपलब्ध कराने के आदेश थे जो पहले से ही बगरू थाने में मौजूद थे ताकि उनके साथ आगे जा सकें। लेकिन मोदी उन्हें अपने वाहन में ले जाने को तैयार नहीं थे और अलग पुलिस वाहन की मांग कर रहे थे।’’

श्रीवास्तव ने आगे कहा, ‘‘हमने उन्हें दो पीएसओ देने संबंधी आदेश भी दिखाया। पीएसओ उनके साथ उनके वाहन में ही जा सकते थे लेकिन मोदी इसके लिए तैयार नहीं थे।’’ अधिकारी ने कहा कि मोदी हालांकि बाद में बात को समझ गए और नियमों के तहत उन्हें दो पीएसओ उपलब्ध करवाए गए। बगरू पुलिस के अनुसार यह घटनाक्रम लगभग एक घंटे तक चला।

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