मनी लॉन्ड्रिंग केस: आज फिर ईडी के सामने पेश हुए रॉबर्ट वाड्रा, कल करीब 6 घंटे तक चली थी पूछताछ

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के एक मामले में जांच के संबंध में गुरुवार (7 फरवरी) को एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए, जहां अधिकारियों ने उनसे करीब 2 घंटे तक पूछताछ की। वाड्रा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गुरुवार को पूछताछ के दूसरे राउंड के लिए ईडी कार्यालय पहुंचे। समाचार एजेंसी ANI को ईडी के सूत्रों ने बताया कि संयुक्त निदेशक तथा दो उपनिदेशकों की टीम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ की।

(Amal KS/HT Photo)

इससे पहले बुधवार को भी वाड्रा से ईडी ने करीब 6 घंटे तक पूछताछ की थी। बता दें कि यह पहला मौका है जब यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के आपराधिक आरोपों के सिलसिले में किसी जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए हैं। ईडी ने वाड्रा को 12 फरवरी को फिर एजेंसी के जयपुर स्थित दफ्तर में पेश होने के लिए कहा है।

रॉबर्ट वाड्रा मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जांच के संबंध में बुधवार (6 फरवरी) को भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए थे। वाड्रा मध्य दिल्ली के जामनगर भवन स्थित ईडी कार्यालय में शाम पौने चार बजे पहुंचे। वाड्रा के साथ उनकी पत्नी व कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद थीं। हालांकि, रॉबर्ट वाड्रा को ईडी कार्यालय छोड़ने के बाद प्रियंका वहां से चली गईं। अपने पति से ईडी की पूछताछ के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ खड़ी हैं।

वाड्रा को पिछले हफ्ते ही अदालत ने 16 फरवरी तक के लिए अग्रिम जमानत दे दी थी। दिल्ली की एक अदालत ने वाड्रा की अग्रिम जमानत याचिका पर मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी पर 16 फरवरी तक के लिए रोक लगा दी थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यह मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने वाड्रा को 6 फरवरी को ईडी के समक्ष पेश होने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था।

बुधवार को पूछताछ के दौरान वाड्रा ने अवैध विदेशी संपत्ति से जुड़े आरोपों से इनकार किया और आरोप लगाया कि राजनीति को साधने के लिये उन्हें ‘‘परेशान’’ किया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि वाड्रा से लंदन की कुछ अचल संपत्तियों के लेनदेन, खरीद और कब्जे को लेकर ईडी के तीन अधिकारियों के दल ने करीब एक दर्जन सवाल पूछे और उनका बयान धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया।

क्या है मामला?

यह पूरा मामला लंदन स्थित एक संपत्ति खरीदने से जुड़ा है, जिसके मालिक कथित तौर पर वाड्रा हैं। यह मामला लंदन में 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर पर 19 लाख पाउंड की संपत्ति की खरीद में कथित रूप से धनशोधन के आरोप की जांच से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि यह वाड्रा की संपत्ति है। जबकि, कांग्रेस ने वाड्रा के खिलाफ ईडी की जांच को सत्ताधारी एनडीए सरकार की तरफ से एक राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।

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