आतिश तासीर के समर्थन में 250 लेखकों और कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

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मशहूर टाइम मैग्जीन के एक लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘डिवाइड इन चीफ’ लिखने वाले लेखक और पत्रकार आतिश तासीर का बीते दिनों भारत सरकार ने ओसीआई (ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया) स्टेटस समाप्त कर दिया था। अब आतिश तासीर के समर्थन में 250 से अधिक नामी लेखकों और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है। जिन लोगों ने चिट्टी लिखी है, उनमें सलमान रुश्दी, अमिताव घोष और मार्गरेट एटवुड जैसे नामी लोगों के नाम शामिल है। चिट्ठी में पीएम मोदी से आतिश तासीर के OCI कार्ड को रद्द करने के फैसले को फिर से रिव्यू करने की मांग की गई है।

आतिश तासीर

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चिट्ठी में लिखा गया है कि, “हम आग्रह करते हैं कि OCI कार्ड जो विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को अपनी जड़ों और परिवार से जुड़े रहने की सुविधा देता है, उसमें किसी सिंगल मां के साथ भेदभाव ना किया जाए। भारतीय या विदेशी पत्रकारों को देश में आने से मना करना भारतीय समाज के पारंपरिक और मुक्त माहौल के लिए सही नहीं है। साथ ही यह कदम भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों को कमजोर करेगा।”

इस चिट्ठी में चिमामांदा गोजी अदिची, क्रिस्टोफ जेफ्रेलोट, जैडी स्मिथ, डेविड रेमनिक, अनिता देसाई, लुईस एडरिच, स्टीवन पिंकर और ग्लोरिया स्टेनम आदि के हस्ताक्षर हैं। यह चिट्ठी पेन अमेरिका, इंग्लिश पेन और पेन इंटरनेशनल के बैनर तले लिखी गई है।

बता दें कि, बीती 8 नवंबर को भारतीय गृह मंत्रालय ने आतिश तासीर का ओसीआई कार्ड यह कहकर रद्द कर दिया था कि उन्होंने तथ्य छिपाया कि उनके पिता पाकिस्तानी हैं। आतिश तासीर पाकिस्तान के दिवंगत नेता सलमान तासीर और भारतीय पत्रकार तवलीन सिंह के बेटे हैं।

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया था कि नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, तासीर ओसीआई कार्ड के लिए अयोग्य हो गए हैं क्योंकि ओसीआई कार्ड किसी ऐसे व्यक्ति को जारी नहीं किया जाता है जिसके माता-पिता या दादा-दादी पाकिस्तानी हों और उन्होंने यह बात छिपा कर रखी। प्रवक्ता ने बताया कि तासीर (38) ने स्पष्ट रूप से बहुत बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं किया और जानकारी को छुपाया है।

नागरिकता अधिनियम के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति ने धोखे से, फर्जीवाड़ा कर या तथ्य छुपा कर ओसीआई कार्ड हासिल किया है तो ओसीआई कार्ड धारक के रूप में उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा। साथ ही, भविष्य में उसके भारत में प्रवेश करने पर भी रोक लग जाएगी।

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