मक्का मस्जिद ब्लास्ट: असीमानंद सहित सभी आरोपियों को बरी करने वाले जज का इस्तीफा नामंजूर

0

हैदराबाद की मक्का मस्जिद धमाके के मामले में असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों को बरी करने के कुछ ही घंटों बाद इस्तीफा देने वाले जज रविंदर रेड्डी के इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना हाई कोर्ट ने जज रेड्डी का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। जज रेड्डी ने सोमवार (16 अप्रैल) को इस हाई प्रोफाइल केस में सभी आरोपियों को बरी करने के कुछ ही घंटे बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब जज रेड्डी के इस्तीफे को नामंजूर कर उनसे छुट्टी खत्म करने और काम पर लौट आने के लिए कहा गया है। दरअसल सोमवार को मक्का मस्जिद धमाके केस में फैसला सुनाने के कुछ ही घंटों बाद जज रेड्डी ने स्पेशल एनआईए कोर्ट में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। रेड्डी ने अपने इस्तीफे के लिए निजी कारणों का हवाला दिया था और कहा था कि इसका मक्का मस्जिद के फैसले से कोई लेना-देना नहीं है।

बता दें कि सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने 2007 मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में स्‍वामी असीमानंद सहित पांच आरोपियों को सोमवार को बरी कर दिया था। करीब 11 साल पहले हुए इस विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 अन्य लोग घायल हुए थे। मामले में 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

बहरहाल, उनमें से केवल पांच लोगों देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, स्वामी असीमानंद उर्फ नब कुमार सरकार, भरत मोहनलाल रतेश्वर उर्फ भारत भाई और राजेंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर उनपर मुकदमा चलाया गया। मामले के दो अन्य आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसांगरा फरार हैं और एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। अन्य दो आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।

सुनवाई के दौरान 226 चश्मदीदों से पूछताछ की गई और करीब 411 दस्तावेज पेश किए गए। स्वामी असीमानंद और भारत मोहनलाल रातेश्वर जमानत पर हैं जबकि तीन अन्य इस समय न्यायिक हिरासत में केेंद्रीय जेल में हैं। राजस्थान की एक अदालत ने अजमेर दरगाह विस्फोट मामले में मार्च 2017 में गुप्ता और अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here