अर्नब गोस्वामी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

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53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किए गए अंग्रेजी समाचार चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ के एंकर और संस्थापक अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अलीबाग की एक अदालत ने अर्नब गोस्वामी को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट ने देर रात हुई सुनवाई में यह आदेश सुनाया।

दूसरी तरफ अर्नब गोस्वामी ने भी जमानत के लिए अर्जी दी जिस पर अदालत ने जांच अधिकारी को जवाब दाखिल करने को कहा है। गोस्वामी के वकील गौरव पारकर ने कहा कि अलीबाग की एक अदालत में पुलिस ने उनकी 14 दिनों की हिरासत देने का अनुरोध किया था। गोस्वामी के साथ मामले में सह आरोपी फिरोज शेख और नीतेश शारदा को भी कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

गौरतलब है कि, रायगढ पुलिस की एक टीम ने गोस्वामी (47) को बुधवार सुबह में मुंबई में उनके आवास से हिरासत में लिया था। पुलिस वैन में बैठाए जाने के बाद गोस्वामी ने दावा किया था कि पुलिस ने उनके साथ हाथापाई की। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और 34 (समान मंशा के साथ लोगों द्वारा किया गया कृत्य) के तहत गोस्वामी को गिरफ्तार किया।’’

पुलिस ने कहा कि इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाईक और उनकी मां ने रिपब्लिक टीवी के कथित तौर पर बकाया भुगतान नहीं करने पर 2018 में खुदकुशी कर ली थी। इस साल मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि उन्होंने अन्वय की बेटी आज्ञा नाईक की शिकायत के बाद मामले में फिर से जांच के आदेश दिए हैं।

इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बुधवार की सुबह गिरफ्तार अर्नब गोस्वामी के खिलाफ बाद में महिला पुलिस अधिकारी के साथ कथ‍ित मारपीट करने के आरोप में एक और FIR दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि बुधवार की सुबह जब उनके निवास पर पुलिस के पहुंचने पर उन्होंने कथित तौर पर महिला पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट की। गोस्वामी के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 504 और 34 के तहत एनएम जोशी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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